एससी एसटी एक्ट में संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर केन्द्र सरकार की ओर से अध्यादेश लाने तथा जातिगत आरक्षण के विरोध में गुरुवार को देशव्यापी बंद के आह्वान पर जैसलमेर और पोकरण शहर बंद रहे।
एससी एसटी एक्ट के विरोध में जैसलमेर और पोकरण रहा बंद
जैसलमेर. एससी एसटी एक्ट में संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर केन्द्र सरकार की ओर से अध्यादेश लाने तथा जातिगत आरक्षण के विरोध में गुरुवार को देशव्यापी बंद के आह्वान पर जैसलमेर और पोकरण शहर बंद रहे। गुरुवार को जैसलमेर शहर के मुख्य बाजार बंद रहे और दुकानें नहीं खुले। इक्का-दुक्का दुकानों को छोड़कर व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इसी तरह से पोकरण में स्थानीय सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग व करणी सेना के आह्वान पर स्थानीय व्यापार मंडल की ओर से कस्बे में किराणा, कपड़ा, होटल, सब्जी, फल एवं समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे गए। फलसूण्ड कस्बा भी बंद रहा और व्यापारिक मंडल ने बंद को समर्थन दिया, उधर नाचना में भी व्यापारियों ने स्वैच्छिक रूप से प्रतिष्ठान बंद रखकर बंद को समर्थन दिया। जैसलमेर शहर में सोनार दुर्ग सहित गोपा चौक, सदर बाजार, जिंदानी चौकी, गांधी चौक, हनुमान चौराहा, गड़ीसर मार्ग, गीता आश्रम मार्ग, पंसारी बाजार, आसनी रोड सहित मुख्य मार्ग बंद रहे और दुकानें नहीं खुली। एससी एसटी एक्ट में संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर केन्द्र सरकार की ओर से अध्यादेश लाने तथा जातिगत आरक्षण के विरोध में पोकरण में सवर्ण जातियों के लोगों ने गांधी चौक से एक जुलूस निकाला तथा उपखण्ड अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सुपुर्द कर एससी एसटी एक्ट वापिस लेने की मांग की।
एससी एसटी एक्ट में संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर केन्द्र सरकार की ओर से अध्यादेश लाने तथा जातिगत आरक्षण के विरोध में में में जिले के नाचना, नोख, छायण, फलसूण्ड में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। व्यापारियों ने अपनी स्वैच्छा से दुकानें बंद रखी तथा एससी एसटी एक्ट का विरोध किया। ग्रामीणों ने भारत बंद का समर्थन करते हुए एससी एसटी एक्ट को वापिस लेने की मांग की।