राजस्थान के जैसलमेर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने जासूसी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। बॉर्डर एरिया के नेहड़ान गांव से ई-मित्र संचालक झाबराराम मेघवाल को हिरासत में लिया गया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की एक महिला हैंडलर के संपर्क में था।
जैसलमेर: सरहदी जिले जैसलमेर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित नेहड़ान गांव से एक संदिग्ध युवक को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी 'ई-मित्र' केंद्र की आड़ में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहा था और सामरिक महत्व की गोपनीय सूचनाएं सीमा पार भेज रहा था।
पकड़ा गया आरोपी झाबराराम मेघवाल पिछले चार वर्षों से अपने गांव में ई-मित्र केंद्र संचालित कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों (सीआईडी-इंटेलिजेंस) को पुख्ता इनपुट मिले थे कि झाबराराम सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी महिला हैंडलर के संपर्क में था। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी 'हनीट्रैप' का शिकार हुआ और पैसों के लालच में आकर उसने भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा कीं।
जांच एजेंसियों ने आरोपी के कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल, आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया गया है।
गांव में ई-मित्र चलाने के कारण झाबराराम की पहुंच कई सरकारी दस्तावेजों और योजनाओं के रिकॉर्ड तक थी। ई-मित्र संचालक होने के नाते उसके पास क्षेत्र के लोगों और प्रशासन से जुड़ी कई अहम जानकारियां रहती थीं। एजेंसियों को शक है कि उसने इसी की आड़ में बॉर्डर एरिया की भौगोलिक स्थिति, नए निर्माण और सुरक्षा इंतजामों की फोटो पाकिस्तानी हैंडलर को भेजी हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, 25 जनवरी की देर रात एक विशेष टीम नेहड़ान गांव पहुंची और झाबराराम के घर पर दबिश दी। टीम उसे अपने साथ ले गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में अत्यधिक गोपनीयता बरत रही हैं, ताकि झाबराराम से जुड़े अन्य संदिग्धों या नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचा जा सके।
राजस्थान में पाकिस्तान के साथ लगती 1000 किलोमीटर से लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बेहद संवेदनशील है। गणतंत्र दिवस को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा एजेंसियां और BSF 'ऑपरेशन अलर्ट' पर हैं। ऐसे समय में एक स्थानीय युवक का ISI के संपर्क में होना सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चुनौती माना जा रहा है।