जैसलमेर

Jaisalmer: पोकरण में फिर बेनकाब हुआ नकली घी का कारोबार, छापे में 900 किलो पाम ऑयल और 453 किलो घी बरामद

Jaisalmer Fake Ghee: जैसलमेर का पोकरण क्षेत्र नकली घी और खाद्य मिलावट के बड़े केंद्र के रूप में उभरता नजर आ रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कारोबार पर शिकंजा कसा है। इससे पहले 24 मई को विशेष टीम ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में मिलावटी घी, पाम ऑयल, सोयाबीन तेल और वनस्पति जब्त की थी।
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Jun 25, 2026
Jaisalmer Pokaran Fake Ghee
फैक्ट्री में मिले टिन और डिब्बों की जांच करते हुए (पत्रिका फोटो)

Jaisalmer Pokaran Fake Ghee: पोकरण (जैसलमेर): सरहदी जिले का परमाणु नगरी पोकरण क्षेत्र मिलावटखोरों और नकली घी का हब बनता जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से एक महीने में लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जयपुर से विशेष टीम गत 24 मई की रात पोकरण पहुंची थी। इस दौरान टीम ने 10,260 किलो मिलावटी घी, पाम ऑयल, सोयाबीन तेल, वनस्पति और चार हजार किलो मिलावटी घी जब्त किया था।

बता दें कि अब मंगलवार की रात जैसलमेर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक मकान में दबिश देकर घी के नमूने लिए। इस दौरान मकान में नकली घी की फैक्ट्री मिली। यहां पाम ऑयल से नकली घी बनाया जा रहा था। एक महीने में ही नकली घी के विरुद्ध लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा के नेतृत्व में टीम मंगलवार शाम पोकरण पहुंची और भवानीपुरा में स्थित एक मकान में दबिश दी। यहां देर रात तक कार्रवाई चली। इस दौरान मकान में घी की अवैध फैक्ट्री चलती दिखी।

टीम ने पोकरण पुलिस के सहयोग से नकली घी की फैक्ट्री से 900 किलो पाम ऑयल और 453 किलो घी बरामद किया। साथ ही यहां विभिन्न ब्रांड के लेबल, खाली टिन, पैकिंग सामग्री, ढक्कन, गैस टंकियां, भट्ठी और पैकिंग मशीन जब्त की गई।

बड़े ब्रांड के नाम से तैयार कर रहे थे घी

गत महीने कस्बे में मिली फैक्ट्री में भी विभिन्न बड़े ब्रांड के नाम से नकली घी तैयार किया जा रहा था। मंगलवार रात भी मिली फैक्ट्री में शक्ति, डेयरी बैस्ट सहित अन्य ब्रांड के नाम के लेबल, टिन व डिब्बे मिले हैं, जिनमें नकली घी भरकर बाजार में आपूर्ति किया जा रहा था।

...तो क्या बाजार में खुलेआम बिक रहा नकली घी

कस्बे में एक महीने में घी की दूसरी फैक्ट्री मिलने से आमजन में भी भय का माहौल हो गया है। इन फैक्ट्रियों में बड़े ब्रांड के टिन, डिब्बे और लेबल मिले हैं। ऐसे में असली और नकली की पहचान करना आम व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। इन फैक्ट्रियों में तैयार माल बाजार में दुकानों पर आपूर्ति होता है। लोग बड़े ब्रांड का नाम देखकर घी खरीद लेते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है।

पाम ऑयल से कैसे तैयार होता है नकली घी?

सस्ते पाम ऑयल से असली जैसा दिखने वाला नकली घी मिलावटखोर बेहद शातिर और वैज्ञानिक तरीके से तैयार करते हैं। कच्चे पाम ऑयल को निश्चित तापमान पर गर्म किया जाता है। इसके बाद हाइड्रोजनीकरण किया जाता है, जिससे ऑयल दानेदार और गाढ़ा हो जाता है तथा उसका ढीलापन खत्म हो जाता है।

इस प्रक्रिया से पाम ऑयल दिखने में शुद्ध घी जैसा दानेदार नजर आता है। इसके बाद इसमें केमिकल और एसेंस मिलाया जाता है, जिससे घी जैसी खुशबू हो जाती है। खुशबू से असली और नकली की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। अंतिम चरण में ऑयल में कृत्रिम रंग मिलाया जाता है, जिससे चमक बढ़ जाती है और पाम ऑयल घी की तरह बिकने के लिए तैयार हो जाता है।

एक्सपर्ट व्यू: सेहत के लिए कितना खतरनाक

पाम ऑयल से तैयार घी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही घातक है। इस घी के सेवन से धमनियां ब्लॉक हो जाती है और हार्ट अटैक व स्ट्रॉक का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही इसमें मिलने वाले रंग व एसेंस लिवर और किडनी पर बुरा प्रभाव डालते हैं। इनके फेल हो जाने की आशंका रहती है। लगातार ऐसे केमिकल युक्त नकली घी के सेवन से कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है। बच्चे यदि इस नकली घी का लगातार सेवन करते हैं तो उनका शारीरिक व मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है।
-डॉ. अजय पाल सिंह भाटी, फिजिशियन

Published on:
25 Jun 2026 09:38 am