जैसलमेर

प्रधानमंत्री की रैली के लिए जैसलमेर से जाएगी सौ बसे, मिला इतने लाख का बजट

- लाभार्थियों को जयपुर ले जाने की कवायद में अधिकारियों की आशंका - आज शाम पूनम स्टेडियम से रवाना होंगी बसें
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Jul 06, 2018
Jaisalmer got 24 lakh 74 thousand budget for PM jaipur rally
Jaisalmer got 24 lakh 74 thousand budget for PM jaipur rally

जैसलमेर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ संवाद और आमसभा का नवाचार जैसलमेर जिले के सरकारी तंत्र का कड़ा इम्तिहान साबित हो रहा है। विभिन्न केंद्रीय व राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित 2000 लोगों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शरीक करवाने के लिए जैसलमेर से ले जाने का लक्ष्य जिला प्रशासन को मिला है। प्रशासन ने इस लक्ष्य को अलग-अलग विभागों में बांट दिया है, जिनके अधिकारियों ने पिछले दिनों के दौरान लाभार्थियों से ताबड़तोड़ ढंग से सम्पर्क कर उन्हें जयपुर चलने के लिए मनाने का प्रयास किया है। हालांकि उन्हें स्वयं पूर्ण विश्वास नहीं है कि जितने लाभार्थियों ने चलने की हामी भरी है, उनमें से कितने लोग वास्तविकता में जयपुर जाने के लिए पेश होंगे। गौरतलब है कि 7 जुलाई को जयपुर में आयोजित उक्त कार्यक्रम के लिए षुक्रवार सायं जैसलमेर के पूनम स्टेडियम से बसें लाभार्थियों को लेकर रवाना होंगी।पोकरण से भी बसों में बैठकर लाभार्थी जयपुर जाएंगे।

लक्ष्य पूर्ति को लेकर सस्पेंस
हालांकि राजस्थान भर में लाभार्थियों को जयपुर ले जाने का सबसे कम लक्ष् य जैसलमेर को कम जनसंख्या के मद्देनजर दिया गया है, लेकिन यह भी हकीकत है कि जैसलमेर से जयपुर सबसे ज्यादा दूरी पर है। अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने अपने तौर पर लाभार्थियों से अनुनय-विनय कर जयपुर चलने के लिए उन्हें रजामंद तो कर लिया है, लेकिन वे बस में बैठने के लिए शुक्रवार को पहुंचेंगे तब ही उनकी सांस में सांस आएगी। इस लिहाज से दो हजार लाभार्थियों को ले जाने का लक्ष् य पूरा होने पर अभी तक संशय के बादल हैं।

जैसलमेर को 24.74 लाख
इस बीच राज्य सरकार ने लाभार्थियों को ले जाने की व्यवस्था के लिए सभी जिलों को बजट आवंटित कर दिया है। इसके अंतर्गत जैसलमेर को 24 लाख 74 हजार रुपए जारी किए गए हैं, जिसमें 100 बसों की व्यवस्था करनी है और प्रति किलोमीटर 20 रुपए किराया निर्धारित कर दिया गया है। राज्य सरकार राज्य भर में इस मद में 7 करोड ़22 लाख 53 हजार रुपए खर्च कर रही है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने केवल बसों का किराया दिया है, ईंधन की व्यवस्था अधिकारियों को करनी है। ऐसे ही लाभार्थियों के खाने-पीने का इंतजाम भी अधिकारियों के जिम्मे कर दिया गया है।

Published on:
06 Jul 2018 11:32 am