
दिल्ली में लाल किले के पास धमाके की घटना के बाद बाद सरहदी जैसलमेर जिले में सुरक्षा तंत्र हाई अलर्ट पर है। जिले की सीमाओं पर कड़ी निगरानी शुरू हो गई है और सभी प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी कर वाहनों की गहन जांच की जा रही है। देश की सुरक्षा दृष्टि से अहम माने जाने वाले इस जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए व्यापक सर्च अभियान चल रहा है।
एसपी अभिषेक शिवहरे के अनुसार जिले भर में पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। थाना क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर पैनी निगरानी रखी जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, ढाबों और बाजारों में सुरक्षा जांच बढ़ाई गई है। शहर में लगातार गश्त हो रही है और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी से निगरानी जारी है। सभी मार्गों पर बैरिकेड्स लगाकर आने-जाने वालों की आईडी जांच की जा रही है।
आमजन से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध जानकारी को तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचाएं। सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने और केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा रखने की सलाह दी गई है। जैसलमेर के अलावा पोकरण, फतेहगढ़, रामगढ़, तनोट और लोंगेवाला क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
सीमा सुरक्षा बल की चौकियों पर गश्त तेज कर दी गई है और पुलिस-बीएसएफ के बीच समन्वय मजबूत किया गया है। रातभर सर्च अभियान जारी रखने का निर्णय लिया गया है। होटल, लॉज और किराए के मकानों में ठहरने वालों की जांच की जा रही है। सीमा सुरक्षा बल, दक्षिण डाबला के महानिरीक्षक महेश नेगी ने बताया कि पाक सीमा से सटे क्षेत्रों में निगरानी मजबूत है। बॉर्डर पर नफरी बढ़ाई गई है, सर्विलांस उपकरण सक्रिय हैं और ग्रामीण इलाकों तक निगरानी बढ़ी है। गौरतलब है कि जैसलमेर की 464 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।