जैसलमेर

46 डिग्री की तपिश में जैसलमेर पर्यटन को लगी ‘लू’! होटल खाली, पर्यटक भागे, व्यापार ठप

राजस्थान के जैसलमेर जिले में 46°C तापमान ने पर्यटन पर ब्रेक लगा दिया है। धोरों की रेत तपकर लाल हो रही है, जिससे सैलानी गायब हैं। होटल-रिसॉर्ट खाली और किराए आधे हो गए। 9 महीने में 1800 करोड़ का कारोबार करने वाला सेक्टर इन 3 महीनों में सुस्त है।
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Apr 28, 2026
Jaisalmer Sizzles at 46 C Extreme Heatwave Forces Tourists Away Tourism Industry in Crisis
ऐतिहासिक सोनार किले की घाटी पर पसरा सन्नाटा (फोटो- पत्रिका)

जैसलमेर: रेगिस्तान की तपिश ने पर्यटन की रफ्तार को थाम दिया है। तापमान 46 डिग्री पार पहुंचते ही जैसलमेर का पर्यटन लू की चपेट में आ गया। सुबह सात से शाम सात बजे तक बाहर निकलना कठिन हो गया है।

लू के थपेड़े आग की लपटों जैसे महसूस हो रहे हैं और धोरों की रेत अंगारों की तरह तपने लगी है। पर्यटकों को आकर्षित करने वाले धोरों का नजारा अब झुलसाने वाला बन चुका है। पीले पत्थरों की हवेलियां तेज धूप में तपकर लालिमा लिए नजर आ रही हैं। ऐसे हालात में ठहराव लगभग थम गया है और शहर का पर्यटन सन्नाटे में बदल गया है।

पर्यटन कारोबार पर इसका सीधा असर दिख रहा है। स्थानीय लोग भी गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। शिमला, लेह-लद्दाख, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, माउंट आबू और उदयपुर जैसे स्थानों पर जाने वालों की संख्या बढ़ रही है।

भीषण गर्मी ने साफ कर दिया कि जैसलमेर का पर्यटन पूरी तरह मौसम पर निर्भर है। तापमान बढ़ते ही चमकता उद्योग ठहराव में बदल जाता है और पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है।

असर एक नजर में

  • करीब 400 होटलों में सन्नाटा, बुकिंग लगभग शून्य
  • होटलों के किराए आधे, फिर भी पर्यटकों की कमी बरकरार
  • सम और खुहड़ी के 150 से अधिक रिसॉर्ट्स में ज्यादातर बंद
  • महज 10 से 12 रिसॉर्ट्स में सीमित गतिविधियां जारी

रोजगार पर भी मार

  • 10 हजार से अधिक लोग प्रभावित
  • गाइड, ऊंट संचालक, टैक्सी चालक और होटल स्टॉफ बेरोजगार
  • छोटे कारोबारियों की आय लगभग खत्म
  • बाहरी राज्यों और विदेशी सैलानियों की आमद काफी कम

गिरावट के आंकड़े

  • 9 महीनों में लगभग 1500 करोड़ का पर्यटन कारोबार
  • 3 महीनों में कारोबार नगण्य स्तर पर
  • सीजन में प्रतिदिन 10 से 12 हजार पर्यटक
  • वर्तमान में 50 से 100 देसी पर्यटक ही पहुंच रहे

एक्सपर्ट व्यू: पर्यटक आवागमन बना रहे, तो रोजगार और कारोबार को मिलेगी स्थिरता

वरिष्ठ पर्यटन व्यवसायी सुमेर सिंह राजपुरोहित के अनुसार, जैसलमेर में मौसमी निर्भरता सबसे बड़ी चुनौती है। गर्मियों में गतिविधियां ठप हो जाना आर्थिक असंतुलन पैदा करता है। नाइट टूरिज्म, डेजर्ट सफारी के शाम और रात वाले मॉडल, इनडोर हेरिटेज अनुभव, संग्रहालय आधारित गतिविधियां और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देना जरूरी है।

एयर कनेक्टिविटी को सालभर बनाए रखने की रणनीति भी अहम है। यदि सीमित ही सही, लेकिन निरंतर पर्यटक आवागमन बना रहे, तो रोजगार और कारोबार को स्थिरता मिल सकती है। योजनाबद्ध नवाचार और निवेश से ही गर्मी के संकट को अवसर में बदला जा सकता है।

Updated on:
28 Apr 2026 02:00 pm
Published on:
28 Apr 2026 02:00 pm