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JAISALMER NEWS- जानिए ऐसे उपखण्ड के बारें में जहां नहीं है पुलिस थाना, एफआईआर के लिए जाना पड़ता है इस गांव

उपखंड मुख्यालय पर नहीं पुलिस थाना- व्यवस्था के नाम पर मात्र एक पुलिस चौकी
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Updated: 6 Mar 2018, 8:45 PM IST
Jaisalmer patrika
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फतेहगढ़ . उपखंड मुख्यालय पर पुलिस थाना नहीं होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां पुलिस व्यवस्था के नाम पर मात्र एक अस्थाई पुलिस चौकी है। ऐसे में पुलिस सें संबंधित कामकाज पर ग्रामीणों को 6 किमी दूर स्थित सांगड़ पुलिस थाना जाना पड़ता है। फतेहगढ उपखंड मुख्यालय में कई विभागों के कार्यालय सहित राष्ट्रीयकृत बैंक आदि की सुरक्षा एक अस्थाई चौकी के भरोसे है। यहां रात में पुलिस गश्त भी नहीं लगती। इस कारण यहां के होलसेल व्यापारियों व दुकानदारों को हर समय चोरी का डर सताता है। उपखंड मुख्यालय में दिनभर ग्रामीणों की रेलमपेल लगी रहती है। ऐसे में यहां कई बाहरी राज्यों के लोगों कीं भीड़ लगी रहती है। क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में लगने वाले पवन ऊर्जा संयंत्रों सहित सैकड़ों कृषि नलकूपों में काम करने के लिए कई बाहरी राज्यों के कई लोग निवास कर रहे हैं। सुरक्षा के तौर पर इनकी जांच पड़ताल नहीं हो रही है। उपखंड मुख्यालय में छोटी मोटी चोरियां व आए दिन मारपीट के मामले होते रहते हैं। ऐसे में फरीयादियों को सांगड़ पुलिस थाना जाना पड़ता है। इसको लेकर कई बार ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन मात्र आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं होता।
इनका कहना है-
उपखंड मुख्यालय पर मात्र एक अस्थाई पुलिस चौकी है। ग्रामीणों को पुलिस से संबंधित काम पडऩे पर सांगड़ पुलिस थाना जाना पड़ता है।
- सवाईलाल सैन, सरपंच, ग्राम पंचायत फतेहगढ़

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तीन वर्षों से एएनएम का अभाव, भवन निर्माण अधूरा

लाठी क्षेत्र के रतन की बस्सी स्थित राजकीय उपस्वास्थ्य केन्द्र में तीन वर्षों से एएनएम का पद रिक्त है। इसके चलते मरीजों को परेशानी हो रही है। रतन की बस्सी निवासी गुलाबसिंह, जोरावरसिंह, मदनसिंह, महेन्द्रसिंह सहित ग्रामीणों ने बताया कि यहां के मरीजों को छोटी से छोटी बीमारी के उपचार, छोटे बच्चों व प्रसूताओं के टीकाकरण को लेकर लाठी जाना पड़ता है।
पूरा नहीं हुआ भवन निर्माण
रतन की बस्सी में उपस्वास्थ्य केन्द्र के नए भवन का निर्माण 5 वर्ष पूर्व शुरू किया गया था। बजट की कमी के चलते इसे अधूरा छोड़ दिया। भवन के दरवाजे व खिड़कियां अभी तक नहीं लगाए गए हैं। देखरेख व सारसंभाल के अभाव में भवन खण्डहर होता जा रहा है। दरवाजे व खिड़कियों के अभाव में यहां आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है तथा यहां गंदगी फैल रही है।

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