जैसलमेर

JAISALMER NEWS- लाखों खर्च होने के बाद भी नहीं बुझ रही प्यास

चार साल पूर्व बनी डिग्गी, एक बार भी नहीं आया पानी, खराब आरओ प्लांट, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ

2 min read
patrika news

जैसलमेर. ग्रामीण क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए सरकार ने भले ही एक-एक गांव में लाखों रुपए खर्च किए है, लेकिन फिर भी सरहदी जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बनाई गई जीएलआर में पानी के अभाव में क्षतिग्रस्त हो रही है। जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है और आमजन की दुविधा राशि खर्च होने के बाद भी दूर नहीं हो रही। हालात यह है कि जिले के कईं गांव ऐसे है, जहां जीएलआर निर्माण को दो से पांच साल बीत गए, लेकिन फिर भी हालात में सुधार नहीं हो पा रहा।
आरओ प्लान्ट के यही हाल
जानकारों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी पिलाने के लिए सरकार ने आरओ प्लान्ट लगाए थे, लेकिन अधिकतर गांवों में यह प्लान्ट भी खराब पड़े है। जिससे यहां के लोगों को खारा या फिर अशुद्ध पानी ही पीना पड़ रहा है। जिससे उनकी सेहत पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है।

IMAGE CREDIT: patrika

चार साल पूर्व बनी डिग्गी, एक बार भी नहीं आया पानी!
- लोग नहर का गंदा पानी पीने को मजबूर
नाचना . क्षेत्र के भदडिय़ा के पास चक एक डीओएल के नारायणसिंह पुरा गांव में निर्मित डिग्गी क्षतिग्रस्त हो गई है। भदडिय़ा निवासी भोमसिंह सहित ग्रामीणों ने बताया कि चक एक डीओएल में चार वर्ष पूर्व डिग्गी, जीएलआर का निर्माण करवाया गया था। इसके बाद डिग्गी में एक बार भी जलापूर्ति नहीं हुई है। सूखी डिग्गी चार वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। ऐसे में ग्रामीणों को आज भी मजबूरन नहर से गंदा पानी लाकर पीना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। बावजूद इसके जलदाय विभाग की ओर से डिग्गी की मरम्मत करवाकर इसमें जलापूर्ति शुरू करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

IMAGE CREDIT: patrika

खराब आरओ प्लांट, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ
पोकरण. क्षेत्र के सनावड़ा गांव में स्थित आरओ प्लांट खराब होने के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। पदमसिंह सहित ग्रामीणों ने बताया कि पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने को लेकर जलदाय विभाग की ओर से गांव में दो आरओ प्लांट लगाए गए थे। ये प्लांट गत लम्बे समय से खराब है। इसके चलते सरकार के लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद भी ग्रामीणों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्हें आज भी फ्लोराइडयुक्त पानी पीना पड़ रहा है। इस बारे में कई बार जलदाय विभागाधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद उनकी ओर से प्लांट को ठीक करवाकर चालू करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

ये भी पढ़ें

Jaisalmer crime- ‘चोर को पर्स थमाने’ जैसी कर रहे गलती और बन रहे शिकार
Published on:
25 Dec 2017 07:07 pm
Also Read
View All