जैसलमेर

Jaisalmer: बसें बढ़ीं, यात्री बढ़े लेकिन पोकरण बस स्टैंड की सुविधाएं डेढ़ दशक पीछे

पोकरण के केंद्रीय बस स्टैंड पर बसों का दबाव बढ़ा, लेकिन यात्री सुविधाएं पुराने ढर्रे पर अटकी हैं। डेढ़ दशक पुरानी उखड़ी सड़क और गहरे गड्ढों से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश में गड्ढों में पानी-कीचड़ भरने से बसों और पैदल यात्रियों का निकलना भी चुनौती बन गया है।
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Aug 09, 2026
pokaran jaisalmer news
पोकरण. बस स्टैंड में सड़क का अभाव, सुविधाओं का टोटा। पत्रिका

पोकरण. कस्बे के जोधपुर रोड स्थित केन्द्रीय बस स्टैंड पर बसों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन यात्रियों के लिए सुविधाएं उसी पुराने ढर्रे पर अटकी हुई हैं। करीब डेढ़ दशक पहले विकसित किए गए बस स्टैंड की डामर सड़क अब पूरी तरह उखड़ चुकी है। परिसर में जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। बारिश के दौरान यही गड्ढे कीचड़ और पानी से भर जाते हैं। ऐसे में बसों के साथ पैदल यात्रियों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। बस स्टैंड पर सुविधाओं का संकट उस समय और गंभीर हो गया, जब पिछले चार माह से कस्बे से संचालित सभी रोडवेज बसों को यहीं से चलाया जाने लगा। पहले यहां सीमित संख्या में रोडवेज और ग्रामीण मार्गों की निजी बसों का संचालन होता था। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बसों को एक स्थान से संचालित करने की व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रीभार कई गुना बढ़ गया। इसके बावजूद सड़क, छाया, बैठने की जगह, जल निकासी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। करीब डेढ़ दशक पहले बस स्टैंड परिसर में बनाई गई डामर सड़क अब बदहाल हो चुकी है। लगातार टूट-फूट और मरम्मत के अभाव में सड़क का अधिकांश हिस्सा उखड़ गया है। कई जगह इतने गहरे गड्ढे हैं कि बसों और अन्य वाहनों को धीमी गति से निकालना पड़ता है। पैदल यात्रियों को भी गड्ढों के बीच से रास्ता तलाशना पड़ता है। बारिश के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। गड्ढों में पानी भरने के बाद सड़क और परिसर की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे फिसलने और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

छाया की जगह धूप में इंतजार

यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी पर्याप्त छाया और बैठने की जगह की कमी है। बस स्टैंड में बनाया गया विश्राम गृह जर्जर होने के बाद हाल में उसका जीर्णोद्धार करवाया गया, लेकिन बढ़ते यात्रीभार को देखते हुए इसकी क्षमता पर्याप्त नहीं है। बसों के इंतजार में यात्रियों को कई बार खुले परिसर में खड़ा रहना पड़ता है। गर्मी में तेज धूप और बारिश में पानी से बचने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं होने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी होती है।

बसों की संख्या बढ़ी, व्यवस्था वहीं की वहीं

यातायात व्यवस्था में बदलाव के बाद कस्बे की लगभग सभी रोडवेज बसों का संचालन इसी बस स्टैंड से होने लगा है। इससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इसके बावजूद नगरपालिका स्तर पर यात्री सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ठोस पहल नजर नहीं आ रही। आगामी भादवा मेले के दौरान यहां से 50 से अधिक रोडवेज बसों के संचालन की संभावना है। मेले के दौरान यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ेगी। ऐसे में मौजूदा बदहाल सड़क, सीमित छाया और कमजोर जल निकासी व्यवस्था यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। बस स्टैंड परिसर में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी जमा हो जाता है। डामर सड़क नहीं होने के कारण कई हिस्सों में कीचड़ फैल जाता है। बसों और यात्रियों की आवाजाही के बीच कीचड़ से निकलना मुश्किल हो जाता है।

नहीं है सुविधाएं

बस स्टैंड में सड़क, छाया जैसी सुविधाओं का अभाव है। हर समय पशुओं का भी डेरा जमा रहता है। जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।

- देरावरसिंह भाटी, स्थानीय निवासी

कीचड़ से निकलना दुश्वार

बारिश के दौरान बस स्टैंड परिसर में कीचड़ जमा हो जाता है। डामर सड़क नहीं होने व पानी निकासी के प्रबंध नहीं होने के कारण आवागमन में परेशानी होती है।

- भरत चारण, दुकानदार

Updated on:
09 Aug 2026 08:53 pm
Published on:
09 Aug 2026 08:53 pm