जैसलमेर

नृसिंह भगवान ने अवतार लेकर हिरण्यकश्यप के कष्टों ने दिलाई निजात…

हाथ में हंटर लिए हिरण्यकश्यप के वेश में व्यक्ति बाजार सहित कस्बे भर में घूमता हुआ उत्पात मचाता है और लोगों को कष्ट देता है।
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Apr 30, 2026
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हाथ में हंटर लिए हिरण्यकश्यप के वेश में व्यक्ति बाजार सहित कस्बे भर में घूमता हुआ उत्पात मचाता है और लोगों को कष्ट देता है। हिरण्यकश्यप के उद्धार एवं लोगों को कष्टों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु नृसिंह रूप में अवतार लेते है और हिरण्यकश्यप का वध करते है। वैशाख माह की चतुर्दशी के दिन कस्बे में नृसिंह भगवान की जयंती मनाई जाती है। अन्याय व अत्याचार पर न्याय व सत्यता की जीत के प्रतीक नृसिंह जयंती के मौके पर कस्बे में प्रतिवर्ष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। हिरण्यकश्यप के रूप में जुगल शर्मा हंटर लेकर शाम 5 बजे बाद बाजार में निकल गए। उन्होंने कस्बे के सदर बाजार, गांधी चौक, मुख्य चौराहे सहित गली मोहल्लोंं में उत्पात मचाया और सामने आए प्रत्येक व्यक्ति पर हंटर से वार किया। मान्यता है कि हंटर खाने से व्यक्ति के पापों का नाशों होता है।

पूजन के बाद निकली झांकी

कस्बे के सोनारों का बास स्थित भूरालाल सोनी के आवास से गुरुवार शाम करीब 6 बजे नृसिंह भगवान की झांकी तैयार की गई। पुजारी स्वरूप शर्मा के सानिध्य में यजमान कालूराम, धूड़ाराम, रामलाल व फूसाराम सोनी ने अभिषेक व षोड्षोपचार विधि से पूजा-अर्चना की। इस मौके पर विष्णु सहस्त्रनाम व गीता के पुरुषसुक्त अध्याय का पाठ किया गया। उसके पश्चात् भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार की झांकी निकाली गई। इस झांकी के आगे हिरण्यकश्यप उत्पात मचाते हुए चल रहे थे। नृसिंह भगवान के रूप में रामाकिशन शर्मा व भक्त प्रहलाद के रूप में रोहित शर्मा शोभायात्रा के साथ चल रहे थे। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ शोभायात्रा में भाग लिया। यह झांकी सोनारों की गली, व्यास चौक, गणेश मंदिर, गणेश मार्केट, सदर बाजार से होते हुए चारभुजा मंदिर पहुंची।

हिरण्यकश्यप के वध के साथ कार्यक्रम संपन्न

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हिरण्यकश्यप के अत्याचारों से आमजन को मुक्ति दिलाने के लिए विष्णु भगवान ने नृसिंह अवतार लिया था। उन्होंने भक्त प्रहलाद की भक्ति से प्रसन्न होकर हिरण्यकश्यप का वध किया। इसी उपलक्ष्य पर प्रतिवर्ष नृसिंह चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। गुरुवार को भी यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। चारभुजा मंदिर की चौखट पर सूर्यास्त से पूर्व करीब सवा 7 बजे हिरण्यकश्यप का वध किया गया। वध कार्यक्रम के पश्चात् भक्त प्रहलाद की जय जयकार के साथ मंदिर में पुजारी के सानिध्य में आरती की गई और प्रसाद का वितरण किया गया।

जयकारोंं से धर्ममय हुई परमाणु नगरी

नृसिंह भगवान व भक्त प्रहलाद की झांकी का बाजार में लोगों ने गुलाल व अबीर डालकर स्वागत किया और नृसिंह भगवान व प्रहलाद के जयकारे लगाए गए। युवक युवतियां नाचते गाते झांकी में चल रहे थे। झांकी के दौरान बाजार में मेले जैसा माहौल हो गया। पूरा वातावरण गोविंद जय-जय, गोपाल जय-जय के नारों से गूंजायमान हो रहा था।

Updated on:
30 Apr 2026 08:36 pm
Published on:
30 Apr 2026 08:36 pm