रामदेवरा गांव में मंदिर रोड पर स्थित पुलिया कम ऊंचाई का होने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
रामदेवरा. गांव में मंदिर रोड पर स्थित पुलिया कम ऊंचाई का होने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। गौरतलब है कि मेले के दौरान मंदिर परिसर से तीन-चार किमी लम्बी कतारें लगती है। इस दौरान मेला चौक से रेलवे स्टेशन रोड का संपर्क कट जाता है। इसी को लेकर वर्षों पूर्व मंदिर रोड पर पुलिए का निर्माण करवाया गया तथा यहां अस्थाई सीढियां लगाई गई। मेले के दौरान सीढियां लगाई जाती है, ताकि आवागमन सुचारु रह सके। जब यहां पुलिया लगाया गया, उस दौरान इसकी ऊंचाई 10 से 12 फीट तक थी। समय-समय पर सडक़ निर्माण होने से सडक़ का तल बढता गया तथा अब इसकी ऊंचाई मात्र सात से आठ फीट तक रह गई है। जिसके चलते वाहन निकलने के दौरान उसके ऊपर रखा सामान इसमें फंस जाता है तथा सामान क्षतिग्रस्त हो जाता है। बावजूद इसके ग्राम पंचायत की ओर से पुलिया हटाने अथवा इसकी ऊंचाई बढाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दी श्रद्धांजलि
जैसलमेर. जिला कांग्रेस कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि एवं देश के पूर्व गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर श्रद्धांजलि दी गई। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अमीन खान ने बताया कि जैसलमेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोविंद भार्गव की मौजूदगी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पूर्व विधायक गोवद्र्धनदास कल्ला ने स्व. इंदिरा गांधी एवं स्व. सरदार पटेल की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ऐसे नेताओं से देश प्रगति की दिशा में आगे बढ़ा। देश के विकास में इन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्व विधायक मुलताना राम बारूपाल ने कहा कि जिस समय इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी, उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों का एकीकरण करके आर्थिक रूप से देश को मजबूत बनाया गया। प्रधान अमरदीन फकीर ने दोनों महापुरुषों की जीवनी पर प्रकाश डाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जवाहर चिकित्सालय में मरीजों को फल वितरित किए और सरदार वल्लभ भाई पटेल वाटिका में सफाई कार्यक्रम आयोजित हुआ। वरिष्ठ नेता जनकसिंह भाटी, सुमार खान, शंकरलाल माली, राधेश्याम कल्ला, खट्टन खान आदि ने भी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर चेतनराम, ब्रजरतन छंगानी, राजकुमार भाटिया, राणजी चौधरी, मालमसिंह रामगढ़, अर्जुन दैया, प्रेम भार्गव, सुरेंद्र गर्ग, जेनाराम सत्याग्रही, खेतमल खत्री, पवन सुदा, गिरीश व्यास, विकास व्यास, भूपेंद्र मेघवाल, भगवानसिंह, कन्हैयालाल भार्गव, गंगाराम, जितेंद्र केवलिया, महेंद्र गोपा, हाथीसिंह रामगढ़, चेतन व्यास, रमेश पूनड़ आदि मौजूद थे ।