जैसलमेर

Rajasthan Farmers : रेतीले धोरों में मूंगफली की खेती से बदल रही किसानों की तकदीर, आय में आया बंपर उछाल

Rajasthan Groundnut Farming : जैसलमेर का नाचना क्षेत्र मूंगफली उत्पादन का नया केंद्र बनता जा रहा है। रेतीले धोरों में मूंगफली की खेती से किसानों की तकदीर बदल रही है। जानें कृषि का नया समीकरण।
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Updated: 19 Jun 2026, 12:42 PM IST
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Rajasthan Groundnut Farming : रेतीले धोरों में मूंगफली की फसल को देखकर खुश किसान। फोटो - AI

Groundnut Farming Changed Farmers Fate : कभी बाजरा, मूंग, मोठ और ग्वार की परंपरागत खेती के लिए पहचाना जाने वाला इंदिरा गांधी नहर का सिंचित नाचना क्षेत्र अब मूंगफली उत्पादन का नया केंद्र बनता जा रहा है। रेतीले धोरों में पिछले आठ वर्षों से लगातार मिल रही बंपर पैदावार ने किसानों की आय बढ़ाने के साथ खेती की तस्वीर भी बदल दी है। बेहतर उत्पादन और लाभ मिलने से अब आस-पास के गांवों के किसान भी खरीफ मौसम में मूंगफली की खेती को प्राथमिकता देने लगे हैं। कभी इस क्षेत्र में मूंगफली की खेती सीमित थी, लेकिन किसानों ने प्रयोग के तौर पर इसकी बुवाई शुरू की। अनुकूल परिणाम मिलने के बाद इसका रकबा लगातार बढ़ता गया। मौजूदा समय में नाचना क्षेत्र में मूंगफली किसानों की सबसे भरोसेमंद नकदी फसलों में शामिल हो चुकी है।

बढ़ रहा खेती का दायरा

मूंगफली की लगातार सफलता का असर आस-पास के गांवों में भी दिखाई देने लगा हैं। पहले जहां किसान परंपरागत खरीफ फसलों तक सीमित थे, वहीं अब अधिक मुनाफे की संभावना को देखते हुए बड़ी संख्या में किसान मूंगफली की खेती अपना रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यही रुझान बना रहा तो आने वाले वर्षों में नाचना क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख मूंगफली उत्पादक इलाकों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

हर बीघा दे रहा बेहतर उत्पादन

किसानों के अनुसार पर्याप्त नहरी सिंचाई और समय-समय पर होने वाली बारिश से एक बीघा भूमि में औसतन 8 से 10 क्विंटल तक मूंगफली का उत्पादन मिल रहा है। खेती पर उत्पाद बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, बिजली, डीजल, बुवाई और कटाई सहित लगभग 18 से 20 हजार रुपए खर्च आता है।

लेकिन अच्छी पैदावार लागत के मुकाबले बेहतर मुनाफा दिला रही है। किसानों का कहना है कि मूंगफली की सफलता का सबसे बड़ा आधार समय पर मिलने वाला नहरी पानी है। यदि सिंचाई नियमित रहे और मौसम साथ दे तो यह फसल किसानों की आर्थिक स्थिति बदलने की क्षमता रखती है। इस वर्ष भी समय पर नहरी पानी मिलने से अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।

एमएसपी खरीद सीमा बढ़े तो मिलेगा पूरा लाभ

नाचना क्षेत्र में पिछले आठ वर्षों से मूंगफली की शानदार पैदावार हो रही है। सहकारी समिति हर वर्ष एमएसपी पर खरीद करती है, लेकिन प्रति किसान 40 क्विंटल की सीमा होने से पूरा लाभ नहीं मिल पाता। यदि खरीद सीमा बढ़ाकर 80 क्विंटल कर दी जाए तो किसानों की आय और बढ़ सकती है।
लतीफ शेख, किसान, नाचना

बेहतर मुनाफे से बढ़ा किसानों का भरोसा

नहरी सिंचाई की उपलब्धता से लगातार अच्छी पैदावार मिल रही है। यही वजह हैं कि खरीफ सीजन में हर साल अधिक किसान मूंगफली की खेती अपना रहे हैं। आने वाले समय में इसका रकबा और बढ़ने की पूरी संभावना है।
मुरलीधर सुथार, किसान, नाचना

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19 Jun 2026, 12:42 PM IST
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