25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जैसलमेर DM से लेकर राजस्थान में तहसीलदार और पटवारियों तक की SSO आईडी हैक, जानिए क्या था आरोपी का प्लान

राजस्थान पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के आरोप में युवक राहुल कुमार तंवर को गिरफ्तार किया है। झालावाड़ जिला निवासी राहुल पर जैसलमेर जिला कलक्टर की एसएसओ आईडी में छेड़छाड़ कर सरकारी योजनाओं से धन की हेराफेरी करने की साजिश करने का आरोप है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जैसलमेर

•

image

Santosh Trivedi

•

Updated: 19 Jun 2026, 11:59 AM IST

cyber fraud

साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ (IANS)

जैसलमेर। राजस्थान पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है । युवक पर जैसलमेर के जिला कलक्टर की एसएसओ आईडी में छेड़छाड़ कर सरकारी योजनाओं से धन की हेराफेरी करने की साजिश करने का आरोप है । आरोपी युवक की पहचान 25 साल के राहुल कुमार तंवर पुत्र चैनसिंह के रूप में हुई है, जो कि झालावाड़ जिले का निवासी है। उसे जैसलमेर लाया गया और गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया ।

हड़पना चाहता था सरकारी रकम

पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि आरोपी राहुल ने कथित तौर पर जैसलमेर कलेक्टर की एसएसओ आईडी से अपना मोबाइल नंबर जोड़ा और खाते में हेराफेरी करके जाली दस्तावेज अपलोड किए । जांच में सामने आया है कि आरोपी की लाभार्थियों के बैंक खातों का विवरण बदलकर उन्हें अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों से जोड़ने की योजना थी। अगर आरोपी का यह प्लान सफल हो जाता तो किसानों, पेंशनभोगियों और अन्य पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली सरकारी सहायता राशि किसी और खाते में जा सकती थी।

जैसलमेर के साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर कलक्टर की एसएसओ आईडी में लॉग इन किया और बीकानेर स्थित आयकर विभाग को ईमेल भेजकर एक मोबाइल नंबर को लिंक करने का प्रयास किया। जांचकर्ताओं ने बताया कि छेड़छाड़ के बाद जाली दस्तावेज अपलोड किए गए। तकनीकी साक्ष्य और साइबर विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

किन-किन अधिकारियों की एसएसओ आईडी से छेड़छाड़ हुई?

पूछताछ के दौरान पुलिस ने दावा किया कि आरोपी ने खुलासा किया कि उसने पहले तहसीलदारों और पटवारियों की एसएसओ आईडी का उपयोग करके लाभार्थी डेटा प्राप्त किया था । पुलिस ने यह भी दावा किया कि इसके बाद उसने कई जिला कलक्टर की एसएसओ आईडी में भी हेरफेर करके बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि वे इस बात का पता कर रहे हैं कि राज्य भर में किन-किन अधिकारियों की एसएसओ आईडी से छेड़छाड़ हुई, कितने पोर्टल एक्सेस किए गए और क्या इसमें कुछ अन्य लोग भी शामिल थे। मामले की तकनीकी जांच जारी है।