जैसलमेर

अब PM मोदी खुद लेंगें राजस्थान के इस ‘खस्ता’ डिपार्टमेंट की ‘क्लास’, अफसरों की बढ़ी टेंशन!

अब PM मोदी खुद लेंगें राजस्थान के इस 'खस्ता' डिपार्टमेंट की 'क्लास'
2 min read
Jun 03, 2018
narendra modi rajasthan

जयपुर/ जैसलमेर।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 7 जून को चिकित्सा सुविधाओं के लिहाज से पिछड़े जैसलमेर जिले के डॉक्टर्स और मरीजों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद करेंगे। इस संबंध में जिला प्रशासन के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे ने प्रारंभिक तौर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री जैसलमेर सहित राजस्थान के पांच जिलों में वीसी करने वाले हैं।

चिकित्सा सेवाओं की स्थिति जानेंगे
प्रधानमंत्री के इस संवाद का उद्देश्य सीमावर्ती जैसलमेर जिले में सरकारी क्षेत्र में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ढांचे की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेना और इसमें सुधार की आवश्यकताओं को जानना है। अभी तक जिला मुख्यालय पर प्रधानमंत्री के संवाद को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश नहीं पहुंचे हैं।

जिला स्तर की इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीएमएचओ तथा पोकरण अस्पताल के चिकित्सक भी संभवत: शामिल हो सकते हैं। प्रधानमंत्री मरीजों से रूबरू होकर उन्हें मिलने वाली सेवाओं के बारे में पूछताछ कर सकते हैं। लिहाजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मरीज अवश्य मौजूद रहेंगे।

जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बतौर कलक्टर उन्हें शामिल होना है या नहीं, यह अभी तक साफ नहीं है। जवाहर चिकित्सालय की पीएमओ डॉ. उषा दुग्गड़ ने बताया कि वे इस संबंध में और जानकारी ले रही हैं।

... और इधर सराफ बोले- 'भगवान जाने क्यों नहीं आते सरकारी नौकरी में डॉक्टर'
राज्य में चिकित्सकों की कमी और चयन के बावजूद चिकित्सकों के पदभार ग्रहण नहीं करने के कारण राज्य के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ को भी पता नहीं हैं। शनिवार को इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसका कारण तो भगवान ही जानें कि चिकित्सक चयन होने के बाद भी सरकारी नौकरी में क्यों नहीं आते। सराफ शनिवार को पिंकसिटी प्रेस क्लब में चाय पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बात कर रहे थे।

800 पदों पर निकाली भर्ती
उन्होंने बताया कि इस साल जुलाई तक पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे। यह मेडिकल कॉलेज भरतपुर, चूरू, डूंगरपुर, भीलवाड़ा और पाली में शुरू होंगे और प्रदेश में एमबीबीएस की 500 सीट बढ़ जाएंगी। उन्होंने बताया कि बाड़मेर, सीकर और धौलपुर में भी मेडिकल कॉलेज जल्द शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में चिकित्सकों की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्तमान में चिकित्सकों के 11 हजार पद हैं और इनमें से साढ़े तीन हजार पद रिक्त चल रहे हैं। विभाग ने अभी चिकित्सकों के 800 पदों पर भर्ती निकाली है।

Updated on:
03 Jun 2018 10:04 am
Published on:
03 Jun 2018 10:04 am