3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

तीन देशों के सफल दौरे के बाद स्वदेश लौटे पीएम मोदी, इन 15 अहम समझौतों पर किए हस्ताक्षर

तीन देशों इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर की सफल यात्रा के बाद पीएम मोदी शनिवार को स्वदेश लौट आए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Mohit sharma

•

Updated: 3 Jun 2018, 9:13 AM IST

PM Modi

तीन देशों के सफल दौरे के बाद स्वदेश लौटे पीएम मोदी, इन 15 अहम समझौतों पर किए हस्ताक्षर

नई दिल्ली। तीन देशों इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर की सफल यात्रा के बाद पीएम मोदी शनिवार को स्वदेश लौट आए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार पीएम मोेदी की इस यात्रा से भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को काफी प्रोत्साहन मिला है। बता दें कि पीएम के तीन देशों की यात्रा में अंतिम पड़ाव सिंगापुर था। सिंगापुर के तीन दिवसीय दौरे के दौरान मोदी ने वहां के पीएम ली-एच-लूंग के साथ रक्षा व सामरिक संबंध समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत की।

कांग्रेस ने साधा 'आप' पर निशाना, कहा- मोदी जैसे राक्षस को खड़ा करने में केेजरीवाल का हाथ

VIDEO: इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर की यात्रा के लिए रवाना हुए पीएम मोदी

15 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर

यही नहीं पीएम मोदी ने सिंगापुर यात्रा के अंतिम दिन अमरीका के डिफेंस मिनिस्टर जिम मैटिस भी मुलाकात की। इस दौरान मोदी ने मैटिस के साथ सुरक्षा और समेत कई बड़े मुद्दों पर विस्तारपूर्वक बातचीत की। इसके अलावा पीएम मोदी ने इंडियन नेवी और रॉयल सिंगापुर नेवी के अफसरों से भी मुलाकात की। बता दें कि इससे पहले मोदी ने मलेशिया के पीएम महातिर मोहम्मद से मिलकर उनको जीत की बधाई दी थी। जबकि इंडोनेशिया यात्रा के दौरान मोदी ने वहां के राष्र्टपति जोको विदोदो के साथ 15 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

पंजाब: जेल से लाइव वीडियो में कैदी ने दी सीएम को जान से मारने की धमकी, सोशल मीडिया पर वायरल

बता दें कि पीएम मोदी और उनके सिंगापुर के समकक्ष ली हसीन लूंग ने इस दौरान निवेश,कनेक्टिविटी, प्रौद्योगिकी और रणनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा पीएम मोदी ने सिंगापुर के राष्ट्रपति हलीमा याकोब से मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को सुद्रढ़ बनाने की दिशा में कई अहम बिंदुओं पर बातचीत की।बता दें कि इस समय भारत अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी को लेकर काम कर रहा है। इस पॉलिसी के दौरान भारत अपने सभी पड़ोसी देशों से न केवल रिश्ते बेहतर करने में लगा है,बल्कि उनके साथ रक्षा औश्र व्यापार समेत कई अन्य दिशाओं में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है।