स्वर्णनगरी में पर्यटन सीजन चरम पर है और ठहराव व्यवस्था ब्रेकिंग पॉइंट पर पहुंच गई है। होटल, रिसॉर्ट, गेस्ट हाउस और होम-स्टे पूरी तरह हाउसफुल हैं। लग्जरी गाड़ियों में पहुंचे सैलानियों को कमरे नहीं मिल पाए, जिससे कुछ को रेलवे स्टेशन और पार्कों में रात गुजारनी पड़ी। कई पर्यटक जगह न मिलने से निराश होकर वापस लौट गए।
जैसलमेर: जम्मू-कश्मीर के आंतरिक हालात और हिमाचल-उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं के अतीत के बीच इस साल लगभग तय था कि देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटक राजस्थान पहुंचेंगे…हुआ भी यही। न्यू ईयर का जश्न मनाने पर्यटकों का रेला राजस्थान की ओर उमड़ पड़ा। स्वर्णनगरी जैसलमेर में तो 70 हजार पर्यटकों के पहुंचने से वहां के हालात बिगड़ गए हैं।
पहले से अनुमान होने के बाद भी पर्यटन विभाग पर्यटकों की सुविधा के लिए कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं कर सका। परेशान पर्यटकों को उनके ही हाल पर छोड़ दिया। 'पधारों म्हारे देश' के स्लोगन के विपरीत विभाग के गैर जिम्मेदाराना रवैये से देश-दुनिया में राज्य के पर्यटन की छवि ही खराब हुई। होटलों में नो-रूम की स्थिति है और चार हजार किराए वाले कमरे के 25 हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं। अस्थाई तौर पर बनाए गए टेटों में ठहरी महिला पर्यटक अपनी निजता को लेकर चिंतित हो रही हैं।
रिकॉर्ड संख्या में आए पर्यटकों के बीच कमरों के अत्यधिक दाम वसूले जाने को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी देखी जा रही है। एक वायरल वीडियो में महिला पर्यटक दिखाते हुए कहती है, यह बेहद छोटा कमरा शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाता है। इस कमरे का एक दिन का किराया 10 हजार रुपए है। इसी तरह कई सैलानियों ने ठगी और महंगी सेवाओं को लेकर शिकायतें साझा की हैं।
पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ है और प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। नववर्ष की पूर्व संध्या और पहली रात में करीब 70 हजार देशी-विदेशी पर्यटकों के जैसलमेर पहुंचने का अनुमान है। इससे करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक के पर्यटन कारोबार की संभावना जताई जा रही है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| नववर्ष पर सैलानी | करीब 70,000 पर्यटक |
| अनुमानित पर्यटन कारोबार | 50 करोड़ रुपए से अधिक |
| होटल | 470 से अधिक |
| रिसॉर्ट | 150 से ज्यादा |
| रेस्टोरेंट-ढाबे | 100+, लगभग फुल ऑक्यूपेंसी |
| स्थानीय रोजगार | 10,000 से अधिक लोगों को |
| वर्ष 2025 में कुल पर्यटक | 15 लाख से ज्यादा |
सम और खुहड़ी सेंड ड्यून्स में ठहराव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कीमतें तीन से चार गुना तक बढ़ गई हैं। सामान्य सीजन में जहां एक युगल के लिए सफारी, भोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और एक रात ठहराव का पैकेज 4 से 5.5 हजार रुपए होता है। वहीं, अब यह 15 से 25 हजार रुपए तक पहुंच गया है।
| सुविधा | सामान्य दर (₹) | वर्तमान दर (₹) |
|---|---|---|
| जीप सफारी | 1,500 | 3,000 |
| कैमल सफारी | 200–250 | 500–700 |
| सामान्य होटल | 1,000–1,200 | 7,000–8,000 |
| लग्जरी रिसोर्ट | 5,500–6,000 | 15,000–18,000 |
सम और खुहड़ी के धोरों पर दोपहर 4 बजे से रात 2 बजे तक उत्सव का माहौल रहेगा। कैमल और जीप सफारी, क्वाड बाइक, पैरामोटरिंग और पैरासेलिंग पर्यटकों को रोमांचित करेंगी। डेजर्ट कैंपों में कालबेलिया और चकरी नृत्य, मांगणियार गायकी और लोक संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। इस बार फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम और इजराइल सहित कई देशों के विदेशी पर्यटक भी नववर्ष का स्वागत जैसलमेर की रेत पर कर रहे हैं।