
जैसलमेर: राजस्थान की चर्चित सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 के संबंध में राजस्थान हाईकोर्ट ने चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को गंभीर मानते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। इस निर्णय का सबसे सीधा असर जैसलमेर में तैनात सात एसआई अधिकारियों पर पड़ा है, जिनकी नियुक्ति वर्ष 2023 में हुई थी।
बता दें कि यह भर्ती परीक्षा राज्य में 859 पदों के लिए आयोजित की गई थी। शुरुआत से ही पेपर लीक की खबरों ने परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। जांच में कई ट्रेनी एसआई पकड़े गए थे, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया। कोर्ट ने भी यह स्पष्ट किया कि चयनित और अन्य अभ्यर्थियों के बीच निष्पक्षता बनाए रखना अब संभव नहीं है।
जैसलमेर के सातों एसआई ने प्रशिक्षण पूरा कर सेवा में योगदान देना शुरू किया था, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब उन्हें भी नई भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना होगा। इस फैसले के साथ ही राज्य सरकार और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) पर यह जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे नई अधिसूचना जारी कर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाएं।
अधिकारियों के भविष्य और राज्य पुलिस में कई पदों की नियुक्तियों पर यह निर्णय सीधे असर डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल अनियमितताओं पर कार्रवाई है, बल्कि आने वाली परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संदेश भी देता है।
अब सबकी निगाहें सरकार और RPSC पर टिकी हैं कि वे नई भर्ती प्रक्रिया में सुधार करते हुए भरोसेमंद और निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करें। इससे उम्मीदवारों के विश्वास को बहाल करने और पुलिस विभाग में सही अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।