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Rain in Jaisalmer: जैसलमेर में बदला मौसम का मिजाज, सुबह से रुक-रुककर हुई बारिश, जीरा और सरसों की फसल पर संकट

Jaisalmer Weather: जैसलमेर में बुधवार को मौसम ने करवट ली। दिनभर रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

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Rain in Jaisalmer (Patrika Photo)

Rain in Jaisalmer (Patrika Photo)

Rain in Jaisalmer: जैसलमेर: सीमावर्ती जिले जैसलमेर में बुधवार को कुदरत के बदले मिजाज ने सुनहरी नगरी को पूरी तरह अपनी आगोश में ले लिया है। सुबह से ही आसमान में छाए घने काले बादलों और रुक-रुककर हो रही बारिश ने जहां आमजन को गर्मी से राहत दी है।

वहीं, किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। खेतों में कटी पड़ी लाखों क्विंटल रबी की फसल अब बर्बादी की कगार पर है। मौसम विभाग ने बुधवार के येलो अलर्ट के बाद अब गुरुवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।

अगले 48 घंटों में जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी, मेघगर्जन और वज्रपात की प्रबल आशंका है।

इन जिलों में भी असर

जैसलमेर के अलावा बीकानेर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर और शेखावाटी अंचल में भी हल्की वर्षा और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। जैसलमेर जिले में इस समय रबी की कटाई और थ्रेसिंग का काम चरम पर है। आंकड़ों के अनुसार, करीब 32 लाख क्विंटल फसल फिलहाल खेतों में खुले आसमान के नीचे पड़ी है।

जीरे की फसल पर सबसे बड़ा खतरा

जीरा एक बेहद संवेदनशील और हल्की फसल है। तेज हवाएं इसके ढेरों को उड़ा सकती हैं। वहीं, बारिश की बूंदें जीरे के दाने को काला कर देती हैं, जिससे बाजार में इसकी कीमत कौड़ियों के भाव रह जाती है।

जनजीवन और मोहनगढ़ का हाल

मोहनगढ़ क्षेत्र में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखा गया, जहां दोपहर में ही घने बादलों की वजह से अंधेरा छा गया। जैसलमेर शहर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सड़कों पर पानी भरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में अचानक ठंडक घुल गई है।

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें, पक्के मकानों में ही रहें। बिजली कड़कने के दौरान टीवी और फ्रिज आदि के प्लग निकाल दें। किसान कटी हुई फसल को तिरपाल से ढक दें और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर रखें।