**एंट्रो:** रामदेवरा रेलवे स्टेशन के टिकट बुकिंग कार्यालय भवन की छत का प्लास्टर मंगलवार सुबह अचानक गिर जाने से बड़ा हादसा टल गया। मलबे की चपेट में पंखा, फर्नीचर और अन्य सामान आ गया, लेकिन घटना के समय वहां कोई कर्मचारी या यात्री मौजूद नहीं होने से जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।

रामदेवरा (जैसलमेर). रेलवे स्टेशन रामदेवरा स्थित टिकट बुकिंग कार्यालय भवन की छत का प्लास्टर मंगलवार सुबह अचानक भरभराकर गिर गया। मलबे की चपेट में छत पर लगा पंखा, फर्नीचर और अन्य सामान आ गया। राहत की बात रही कि घटना के समय कोई कर्मचारी या यात्री उसके नीचे मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्टेशन परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार रेलवे ने करीब एक दशक पहले पुराने कार्यालय भवन के स्थान पर नए भवन का निर्माण कराया था। इस परिसर में स्टेशन अधीक्षक कार्यालय, टिकट बुकिंग कार्यालय, प्रतीक्षालय सहित अन्य सुविधाएं संचालित हैं। मंगलवार सुबह टिकट बुकिंग कार्यालय की छत का हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। मलबा गिरने से पंखे की पंखुड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और कार्यालय में रखा सामान भी प्रभावित हुआ।
जिले में एक महीने के भीतर रेलवे भवन की छत का प्लास्टर गिरने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले गत 10 मई को सोनू रेलवे स्टेशन के कार्यालय भवन में छत का मलबा गिरने से स्टेशन मास्टर घायल हो गए थे। उस समय रेलवे अधिकारियों ने जिले के सभी स्टेशन भवनों की जांच कराने की बात कही थी। इसके बावजूद ठीक एक महीने बाद रामदेवरा स्टेशन पर इसी प्रकार की घटना सामने आने से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निरीक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रामदेवरा रेलवे स्टेशन पश्चिमी राजस्थान के सर्वाधिक व्यस्त स्टेशनों में शामिल है। यहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन रहता है। ट्रेनों की प्रतीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन भवनों और प्रतीक्षालयों में समय बिताते हैं। बाबा रामदेव मेले के दौरान यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में भवनों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता अपेक्षित है। घटना के बाद भी संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
पोकरण. सांकड़ा थाना क्षेत्र के भैंसड़ा गांव में एक स्वर्णकार की दुकान व मकान में हुई चोरी की बड़ी घटना का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। गौरतलब है कि जोधपुर ग्रामीण के चौमू थानांतर्गत देवातू निवासी चेतन कुमार सोनी भैंसड़ा गांव में सोने-चांदी की दुकान करते है और यहीं निवास करते है। गत दिनों अज्ञात चोरों ने दुकान व मकान में धावा बोला। चोरों ने घर में रखी तिजोरी चोरी कर ली और घर व दुकान से सोने के नेकलेस, बाजूबंद, हथफूल, कंठी, शीशफूल, मंगलसूत्र, कानों के पत्ते, आड, डोरा आदि आभूषण और चांदी के करीब दो किलो के वजन के पायल व बिछिया चुरा लिए। साथ ही यहां खड़ी कार, कार में रखे 50 हजार रुपए भी चोरी कर ले गए। अगले दिन चोरी की जानकारी हुई तो इधर-उधर तलाश की। गांव से कुछ दूर टूटी हुई तिजोरी और कार मिल गई। जबकि आभूषण व नकदी गायब थे।