
जैसलमेर. जिले में विवाह, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजकीय और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। ऐसे आयोजनों में भोजन तैयार करने और परोसने वाले हलवाई, कैटरर और भोज सेवा प्रदाताओं के पास वैध एफएसएसएआइ लाइसेंस या पंजीयन होना अनिवार्य रहेगा। बड़े आयोजनों की निगरानी जोखिम के आधार पर की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल ने बताया कि सामूहिक आयोजनों में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन जरूरी है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य कारोबार संचालित करने वाले संबंधित व्यक्तियों के पास वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीयन होना चाहिए।
सामूहिक भोज वाले आयोजनों में आयोजक या संबंधित हलवाई-कैटरर को आयोजन से पहले कार्यक्रम की तिथि और समय, आयोजन स्थल का पूरा पता, आयोजक का नाम और मोबाइल नंबर, हलवाई या कैटरर का नाम, एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीयन संख्या, अनुमानित अतिथियों की संख्या तथा भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था से संबंधित जानकारी विभाग को उपलब्ध करानी होगी। विवाह स्थल, समारोह भवन, होटल, धर्मशाला, सामुदायिक भवन, फार्म हाउस और अन्य आयोजन स्थलों के संचालकों को भी परिसर में भोजन तैयार करने और परोसने का काम केवल वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीयन वाले हलवाई अथवा कैटरर से करवाना होगा। संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध रखना होगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग बड़े आयोजनों की जोखिम के आधार पर निगरानी करेगा। आवश्यकता के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण, स्वच्छता सत्यापन और खाद्य नमूना संग्रहण की कार्रवाई कर सकेंगे। बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार होने वाले आयोजनों में व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण, तापमान नियंत्रण और अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने की व्यवस्था भी जरूरी होगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा ने बताया कि हलवाई और कैटरर अपने एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीयन की वैधता सुनिश्चित रखें। भोजन तैयार करने से लेकर भंडारण और परोसने तक स्वच्छता मानकों का पालन करना जरूरी है। सामूहिक आयोजनों में सुरक्षित पेयजल, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण, उचित तापमान और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीयन के खाद्य कारोबार संचालित करने या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग विवाह स्थलों, समारोह भवनों, होटल, धर्मशाला, सामुदायिक भवन, फार्म हाउस और अन्य आयोजन स्थल संचालकों के साथ समन्वय कर मानक संचालन प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार भी करेगा। सीएमएचओ डॉ. पालीवाल ने कहा कि विवाह और सामूहिक आयोजनों में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों को भोजन परोसा जाता है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में लापरवाही से खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।