जैसलमेर में भूमिहीन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उपनिवेशन विभाग ने 2004 के सामान्य आवंटन की अपात्र घोषित फाइलों की फिर से जांच करने का फैसला किया है। अब किसानों को तहसील के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि पंचायत स्तर पर कैम्प लगाए जाएंगे।
नाचना (जैसलमेर): भूमिहीन किसानों की समस्या को लेकर अतिरिक्त आयुक्त जैसलमेर कार्यालय में उपनिवेशन कमिश्नर के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पोकरण विधायक मंहत प्रतापपुरी की मौजूदगी रही।
इस दौरान वर्ष 2004 के सामान्य आवंटन से जुड़े हजारों भूमिहीन किसानों के आवेदन पत्र सही जांच किए बिना अपात्र घोषित कर दिए मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों का कहना है कि भूमिहीन किसानों के आवेदन पत्र ग़लत प्रक्रिया अपनाकर खारिज कर दिया गया।
सरपंच संघ अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया कि जिन किसानों की फाइलें निरस्त हुई हैं, उन्हें अब तहसील कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ग्राम पंचायत वार कैंप लगाए जाएंगे, जहां किसान अपनी ही पंचायत मुख्यालय पर दस्तावेज प्रस्तुत कर कमीपूर्ति कर सकेंगे।
उपनिवेश विभाग की ओर से आगामी 5 से 7 दिनों के भीतर कैम्पों का शेड्यूल जारी कर सूचना सार्वजनिक की जाएगी। तहसील स्तर से विभागीय टीम गांवों में पहुंचकर किसानों से दस्तावेज़ प्राप्त करेगी, जिससे किसानों को समय, धन और मानसिक परेशानी से राहत मिल सकेगी।
बैठक के दौरान विधायक मंहत प्रतापपुरी ने किसानों की पीड़ा से अवगत कराया। उपनिवेश आयुक्त ने किसानों की समस्याओं को सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया और न्यायोचित समाधान का भरोसा दिलाया।
बैठक में जिला परिषद सदस्य उत्तमसिंह बोडाना, अल्पसंख्यक जिला उपाध्यक्ष जीवन खान, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा अजयपाल सिंह, अवाय किसान नेता ओम सिंह अवाय, सरपंच संघ अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तंवर, मालाराम बिश्नोई, तुलछ सिंह देवड़ा उपस्थित रहे।