कर्रा रोग से बचाव के बताए उपचार
जैसलमेर. लाठी क्षेत्र में पशुओं में फैल रहे कर्रा रोग से पशुपालकों की चिंताएं बढने लगी है। गौरतलब है कि इन दिनों पशुओं में कर्रा रोग फैला हुआ है तथा इस बीमारी से आए दिन पशुओं की मौत हो रही है। इसी को लेकर चिकित्साधिकारी की ओर से पशुपालकों को रोग के बचाव व उपचार बताए जा रहे है। चांधन पशु चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ.उमेश वरगंटीवार ने बताया कि तापमान बढने से मृत पशुओं की हड्डियों पर जमा रोग के जीवाणु की परत पिघल जाती है। कोई पशु इस हड्डी को चाटता है, तो जीवाणु उसके पेट में चले जाते है तथा 72 घंटे में पशु इस रोग की चपेट में आकर लकवाग्रस्त हो जाता है तथा अगले 72 घंटे में उसकी मौत हो जाती है। उन्होंने पशुपालकों से गायों को फास्फोरस तत्व की पर्याप्त मात्रा देने की बात कही। इसी प्रकार उन्होंने बीमारी के लक्षण बताते हुए बचाव के लिए दाले के साथ मिनरल मिक्चर देने, गौवंश को बाड़े में ही रखने, खुला नहीं छोडऩे, मृत पशुओं के शव जमीन में गाड़ देने की बात कही।