जैसलमेर में दर्शनीय स्थलों व बाजारों में देशी सैलानियों के हुजूम उमड़ते नजर आ रहे हैं। सैलानियों को यहां के मौसम में दिन की खुशनुमा धूप और सुबह-शाम की सहन करने योग्य ठंडक की अनुकूलता रास आ रही है।
जैसलमेर। स्वर्णनगरी का पर्यटन व्यवसाय इन दिनों उफान पर है। जहां तक नजर जा रही है, दर्शनीय स्थलों व बाजारों में देशी सैलानियों के हुजूम उमड़ते नजर आ रहे हैं। यह भीड़ सोनार दुर्ग, गड़ीसर और पटवा हवेलियों पर जहां दिन के दौरान नजर आती है, वहीं शाम के समय सम के धोरों पर नमूदार होती है।
गड़ीसर सरोवर व बाजारों में शाम से लेकर रात करीब 9 बजे तक भी भी सैलानियों की रेलमपेल अच्छी संख्या में बनी हुई है। एक अनुमान के अनुसार दिसम्बर के पहले पखवाड़े में ही करीब 50 हजार सैलानी जैसलमेर का भ्रमण कर जा चुके हैं, जबकि क्रिसमस और नए वर्ष के मौके का दौर अभी आना शेष है। यह आने वाले दिनों के लिहाज से शुभ संकेत माना जा रहा है।
जैसलमेर में पर्यटकों की भारी भीड़ के लिए अनुकूल मौसम को भी श्रेय दिया जा रहा है। दरअसल, नवम्बर माह में अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री के आसपास रहा था। ऐसे में दिवाली व बाद के दिनों में गुजरात जैसे पड़ोसी राज्य के बाशिंदे बड़ी संख्या में कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के साथ गोवा जैसे राज्यों में पर्यटन के लिए चले गए थे।
अब दिसम्बर में चूंकि जैसलमेर में भी मध्यम श्रेणी की सर्दी पड़ रही है। यही कारण है कि गुजरात व आसपास के राज्यों के साथ राजस्थान के विभिन्न जिलों के पर्यटक जैसलमेर सहित राजस्थान के अन्य पर्यटन केंद्रों पर भीड़ उमड़ने लगी है। सैलानियों को यहां के मौसम में दिन की खुशनुमा धूप और सुबह-शाम की सहन करने योग्य ठंडक की अनुकूलता रास आ रही है।
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