
Bharatiya Kisan Union protest: जालौन में भारतीय किसान यूनियन ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर किसान यूनियन के नेताओं ने नारेबाजी की और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन दिया। उन्होंने भारी बारिश से किसानों को हुए नुकसान पर मुआवजा की मांग की है। देवी आपदा और फसल बीमा योजना से मदद करने की गुहार लगाई। किसान नेताओं ने कहा कि भारी बारिश के कारण फसलें जलमग्न हो गई है। राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन ने सर्वे का काम शुरू कराया है। यह पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। इसमें कोई भी किसान छूटने न पाएं।
उत्तर प्रदेश के जालौन में भारी बारिश के कारण किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। उड़द, मूंग, तिल आदि फसलें पानी में डूब कर पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। किसानों की जमा पूंजी भी चली गई। किसानों की समस्याओं को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में यूनियन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद थे।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि पिछले कई दिनों से प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। जालौन ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है। खेत तालाब बन चुके हैं। फसलें पूरी तरह डूब चुकी है, मकई, ज्वार, बाजरा, तिल, आदि की फैसले खराब हो चुकी हैं। किसानों में हाहाकार मचा है। इसी संदर्भ में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर किसने की समस्याओं को उठाया गया है।
राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि किसानों के नुकसान की भरपाई देवी आपदा फंड और फसल बीमा योजना से किया जाए। फसलों के हिसाब से यह समय 'मिड सीजन' कहलाता है जब उनमें फूल आदि खिलते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि फसल बीमा योजना में 'मिड सीजन' के प्राविधानों का लाभ किसानों को दिया जाए। इसके अंतर्गत किसानों को 25 प्रतिशत का भुगतान तत्काल करवाया जाए। ऐसे में यदि किसानों को 25 प्रतिशत का लाभ मिल जाएगा तो आने वाली फसल के लिए किसान को राहत मिल जाएगी। सितंबर महीने के अंत तक 'रवि की फसल' के लिए किसान को राहत मिल जाएगी। इसलिए उनकी मांग है कि फसल बीमा योजना में 'मिड सीजन' लगवाया जाए।
राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि जिला प्रशासन ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया और कहा कि पिछली बार कुछ किसान ऐसे रह गए जिनके खेत का सर्वे नहीं हुआ था। ऐसे में किसानों का काफी नुकसान हो जाता है। उनकी मांग है कि किसान यदि डिमांड करता है तो सर्वे जरूर कराया जाए। सर्वे होने के बाद नुकसान की भरपाई की जाए। इस मौके पर जिला अध्यक्ष डॉक्टर द्विजेंद्र सिंह सहित अन्य नेता व कार्यक्रम मौजूद थे।