Har Chhath 2019 : हरछठ पर पुत्र की लम्बी आयु के लिए पूजा शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 41 मिनट से 11 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
जालौन. हिन्दू धर्म में पुत्रों की लम्बी आयु के लिए मनाया जाने वाला पर्व हरछठ (हलषष्ठी) 21 अगस्त दिन बुधवार को हैं। इस दिन वे सभी विवाहित महिलाएं व्रत रखेंगी जिनके पुत्र है। वह सभी महिलाएं अपने बेटे की लम्बी आयु के लिए 21 अगस्त को व्रत रखेंगी और अपने पुत्र की लम्बी आयु के लिए कृष्ण भगवान से मनोकामना करेंगी और साथ ही अपने घर में सुख एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगी।
हरछठ पूजा शुभ मुहूर्त (Har Chhath Puja Shubh Muhurat)
हरछठ व्रत की पूजा के लिए सभी महिलाएं शुभ मुहूर्त का वेसब्री के इंतजार करती हैं। वह बिना शुभ मुहूर्त के कभी भी कोई भी पूजा शुरू नहीं करती हैं। इसलिए इस बार साल 2019 में हरछठ की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 41 मिनट से 11 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
पुत्र की लम्बी आयु के लिए होता है हरछठ का व्रत
हरछठ (हलषष्ठी) का त्यौहार भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की छठ को मनाया जाता है और इसी दिन श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। यह व्रत केवल पुत्रवती महिलाएं ही रखती हैं। हरछठ का व्रत केवल पुत्रों की दीर्घायु के लिए सिर्फ महिलाओं द्वारा ही रखा जाता हैं। इस दिन महिलाएं केवल भैस के दूध का सेवन करती हैं। जालौन निवासी ज्योतिषाचार्य का कहना कि शास्त्रों के अनुसार इस व्रत में केवल भैस के दूध का सेवन करने का एक अलग ही महत्व होता है। इस व्रत में महिलाएं गाय के दूध का सेवन नहीं करती हैं।
हरछठ पूजा विधि (Har Chhath Puja Vidhi)
हरछठ व्रत की पूजा के लिए महिलाएं छह छोटे मिट्टी या चीनी के बर्तनों में पांच या सात भुने हुए अनाज या मेवा भरती हैं। जारी (छोटी कांटेदार झाड़ी) की एक शाखा ,पलाश की एक शाखा और नारी (एक प्रकार की लता) की एक शाखा को भूमि या किसी मिट्टी भरे गमले में गाड़कर पूजन करतदी हैं। महिलाएं पड़िया (भैंस का बच्चा) वाली भैंस के दूध से बने दही और महुवा (सूखे फूल) को पलाश के पत्ते पर रखकर खातीं हैं और व्रत का समापन करती हैं और अंत में अपने पुत्र की लम्बी आयु के लिए भगवान से कामना करती हैं।
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