जालौन

IAS Rinku Singh Rahi: उठक-बैठक से लेकर ब्लॉक प्रमुख विवाद तक, IAS रिंकू सिंह राही का विवादों से रहा है पुराना नाता, अब यूपी की नौकरशाही पर उठाए सवाल

IAS Rinku Singh Rahi Statement: IAS रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया पोस्ट में यूपी की मौजूदा नौकरशाही संस्कृति पर सवाल उठाए। उन्होंने भ्रष्टाचार को कथित संरक्षण मिलने का आरोप लगाते हुए दूसरे राज्य या कैडर में काम करने की इच्छा जताई।
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Aug 20, 2026
Rinku Singh Rahi News IAS Rinku Singh Rahi Statement Uttar Pradesh Bureaucracy
IAS रिंकू सिंह राही की पोस्ट से मचा हड़कंप

Rinku Singh Rahi News:उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने प्रदेश की नौकरशाही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने अपने अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा प्रशासनिक संस्कृति में वह खुद को सहज नहीं पाते। इतना ही नहीं, उन्होंने दूसरे राज्य या कैडर में जाकर काम करने की इच्छा भी जाहिर की है।

रिंकू सिंह राही ने एक्स पर लिखी अपनी पोस्ट में कहा कि आईएएस बनने के पीछे उनका मकसद जनता से जुड़े कामों को बेहतर तरीके से करना और शासन की योजनाओं को जमीन तक पहुंचाना था। लेकिन उनके अनुभव बताते हैं कि मौजूदा व्यवस्था में संवैधानिक तरीके से काम करना उनके लिए लगातार चुनौती बना हुआ है।

'समस्या सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, उसे मिलने वाला संरक्षण है'

राही ने अपनी पोस्ट में नौकरशाही की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती केवल माफिया या भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि उन्हें ऊपर से मिलने वाला कथित संरक्षण है। उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में व्यवस्था में सुधार करने की कोशिश करने वाले अधिकारियों की ऊर्जा सुधार से ज्यादा सिस्टम को बिगड़ने से रोकने में लग जाती है। उन्होंने यह भी लिखा कि भ्रष्ट व्यवस्था में स्वतंत्र तरीके से काम करने वाले अधिकारियों के लिए जगह बनाना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक ईमानदार अधिकारियों के सामने भी कई बार यह मानसिकता चुनौती बन जाती है कि अगर हम नहीं कर पाए तो दूसरा कैसे कर पाएगा।

'हार के डर से कोशिश करना नहीं छोड़ सकते'

राही ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि कुछ नौकरशाहों के लिए व्यवस्था के साथ समझौता करके चलना आसान रास्ता बन जाता है। उन्होंने इस रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि शासन का मूल उद्देश्य जनता को बुनियादी सुविधाएं और बेहतर प्रशासन उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर बुनियादी सुशासन सुनिश्चित करने के लिए ही लगातार संघर्ष करना पड़े, तो अपनी योग्यता और क्षमता का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने के अवसर सीमित हो जाते हैं। राही ने लिखा कि हार का डर कोशिश करने से रोक नहीं सकता और असफलता से उनका पुराना नाता रहा है।

दूसरे कैडर में जाकर काम करने की इच्छा

अपनी पोस्ट के आखिर में रिंकू सिंह राही ने संकेत दिया कि उनके लिए किसी दूसरे राज्य या कैडर में जाकर काम करना ज्यादा उपयोगी हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह अनुकूल माहौल में अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल कर यह देखना चाहते हैं कि कितना बदलाव संभव है। उनकी यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है जब वह लंबे समय से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहे हैं। उनके अनुसार, 2009 में छात्रवृत्ति घोटाले को उजागर करने के बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ था और उन्हें सात गोलियां लगी थीं। बाद के वर्षों में भी वह कई विवादों के कारण चर्चा में रहे।

ब्लॉक प्रमुख से विवाद के बाद हुआ था तबादला

हाल के दिनों में ब्लॉक प्रमुख से विवाद के बाद रिंकू सिंह राही के तबादले की बात भी सामने आई थी। अब उनकी सोशल मीडिया पोस्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को एक अलग संदर्भ दे दिया है। हालांकि, नौकरशाही और प्रशासन को लेकर राही ने अपनी पोस्ट में जो आरोप और अनुभव साझा किए हैं, वे उनके व्यक्तिगत विचार और दावे हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। फिलहाल उनकी पोस्ट ने यूपी की प्रशासनिक व्यवस्था, अधिकारियों की कार्यस्वतंत्रता और सुशासन को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है।

Updated on:
20 Aug 2026 04:06 pm
Published on:
20 Aug 2026 01:01 pm