
यह घटना बृहस्पतिवार देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। ग्रामीण राजकुमार अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। उनके साथ दो बेटे उमंग और मयंक अलग चारपाई पर सो रहे थे, जबकि पत्नी विनीता अपनी चार साल की बेटी नैना के साथ दूसरी चारपाई पर लेटी हुई थी। रात के सन्नाटे में जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी कथित तौर पर विनीता ने अपनी मासूम बेटी पर हमला कर दिया और उसका गला दबा दिया।बताया जा रहा है कि मासूम बच्ची अपनी जान बचाने के लिए छटपटाई, लेकिन कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं।
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब रात करीब 12 बजे गांव की बिजली अचानक गुल हो गई। पंखा बंद होने पर पिता राजकुमार की नींद खुली। जब उन्होंने बेटी की चारपाई की ओर देखा तो वह बेसुध पड़ी थी और कोई हलचल नहीं थी। यह दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए, लेकिन तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। घर का माहौल अक्सर तनावपूर्ण रहता था। पुलिस का मानना है कि यही पारिवारिक कलह इस जघन्य घटना की वजह बन सकती है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही आटा थाना पुलिस, इटौरा चौकी पुलिस और सीओ कालपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मां विनीता को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ जारी है, जिसमें उसके बयान लगातार बदलते पाए जा रहे हैं। गांव में इस घटना को लेकर आक्रोश और शोक का माहौल है। दो मासूम भाइयों के सिर से बहन का साया उठ गया, जबकि पिता सदमे में है और पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।