LPG cylinder shortage:जालौन के बामौरा में अनुष्का की 25 अप्रैल को शादी है, लेकिन एलपीजी सिलेंडर न मिलने से तैयारियां प्रभावित हैं। परेशान होकर वह मां संग डीएम से मिली। प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, अब समाधान का इंतजार है।
जालौन जिले के बामौरा गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आम जनजीवन से जुड़ी एक बड़ी समस्या को उजागर कर दिया है। यहां एक दुल्हन अपनी शादी से ठीक पहले एलपीजी सिलेंडर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। हालात इतने बिगड़ गए कि उसे अपनी मां के साथ जिला अधिकारी (डीएम) के दरवाजे पर दस्तक देनी पड़ी।
बामौरा निवासी अनुष्का की शादी 25 अप्रैल को तय है। घर में शादी की खुशियां होनी चाहिए थीं, लेकिन सिलेंडर न मिलने से पूरे परिवार पर चिंता का साया मंडरा रहा है। परिजनों के मुताबिक, कई बार गैस एजेंसी के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। हर बार “कल आना” का आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही।
जहां एक ओर शादी की तैयारियों में मेहमानों की सूची, कपड़े और सजावट की चर्चा होनी चाहिए, वहीं अनुष्का के घर में गैस सिलेंडर की चिंता सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है। रसोई से लेकर भोज की व्यवस्था तक सब कुछ गैस पर निर्भर है। ऐसे में सिलेंडर की कमी ने खुशियों के माहौल को तनाव में बदल दिया है।परिवार का कहना है कि अगर समय रहते सिलेंडर नहीं मिला, तो उन्हें मजबूरन महंगे विकल्प अपनाने पड़ेंगे, जिससे खर्च कई गुना बढ़ जाएगा।
समस्या से परेशान होकर अनुष्का अपनी मां के साथ जिला मुख्यालय पहुंची और डीएम से मदद की गुहार लगाई। दुल्हन की इस गुहार ने प्रशासन को भी झकझोर दिया। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यह मामला केवल एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में एलपीजी आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था की पोल खोलता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से सिलेंडर की किल्लत लगातार बनी हुई है, जिससे आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण जैसे इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब बताई जा रही है, जहां समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसियों की लापरवाही और वितरण प्रणाली की कमजोरी के कारण यह समस्या विकराल होती जा रही है। कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें बाजार से महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।इस संकट का असर सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। खाना बनाने से लेकर अन्य घरेलू काम प्रभावित हो रहे हैं, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।