मतदाताओं को रिझाने के लिए राजनेता अक्सर घोषणा पत्र में बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन कई बार देखा गया है कि चुनाव खत्म होने के बाद इनमें से कई वादे धरातल पर पूरे नहीं होते। इसी क्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने यह भी बताया कि आखिर बसपा घोषणा पत्र क्यों नहीं जारी करती।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के तीसरे चरण मतदान के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। मतदाताओं को रिझाने के लिए राजनेता अक्सर घोषणा पत्र में बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन कई बार देखा गया है कि चुनाव खत्म होने के बाद इनमें से कई वादे धरातल पर पूरे नहीं होते। इसी क्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने यह भी बताया कि आखिर बसपा घोषणा पत्र क्यों नहीं जारी करती।
सत्ता में आने के बाद घोषणा पत्र पर नहीं होगा अमल
सोमवार को जालौन में जनसभा संबोधित करने के दौरान मायावती ने सत्ताधारी भाजपा पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों पर अत्याचार हुए, लेकिन उन्हें दबा दिया गया। बीजेपी सरकार में लोगों को रोजगार भी नहीं मिला और वह यहां से पलायन कर चले गए। मायावती ने कहा कि सरकारें केवल झूठे और हवाहवाई बातों वाले घोषणा पत्र जारी करती है। लेकिन सत्ता में आने के बाद इन पर अमल नहीं किया जाएगा, इसलिए इनके बहकावे में न आएं।
कार्य में विश्वास रखती है बसपा
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि 2007 की तरह ओपिनियन पोल और सर्वे गलत साबित होंगे। विपक्षी दल की सरकारें मतदाताओं को रिझाने के लिए झूठे घोषणा पत्र जारी करती हैं, लेकिन चुनाव के बाद इन पर अमल नहीं होगा। वहीं, उन्होंने यह भी बताया कि बसपा घोषणा पत्र क्यों जारी नहीं करती। उन्होंने कहा कि बसपा का उद्देश्य कार्य करके दिखाना है, फैंसी घोषणा पत्र जारी करना नहीं।