
चितलवाना (जालोर). फाल्गुन मास की अमावस्या को लेकर मेघावा के भगवान जम्भेश्वर मंदिर में रविवार को मेला भरा। मेले में महिलाएं भगवान के गीत गाती हुई पहुंची। वहीं श्रद्धालुओं ने हवन कुण्ड में चारों ओर परिक्रमा देकर आहुतियां दी। वहीं संतों ने समाज के लोगों को प्रवचन भी दिए। मेले में अलसुबह ही भक्तों का मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए आना जाना लगा रहा। भक्तों ने मंदिर के हवन कुण्ड में घी, जौ, तिल, नारीयल व प्रसादी की आहुति देकर भगवान से खुशहाली की मन्नत मांगी। मेघावा सहित आस-पास के कई गांवों के लोगों ने पैदल व वाहनों के जरिए मेले में पहुंचकर दर्शन लाभ लिया। इससे पहले संतों के सान्निध्य में शनिवार शाम को जागरण का आयोजन किया गया। जिसमें आरती, साखी व भजनों की प्रस्तुति देकर विश्नोई सम्प्रदाय के लोगों को भगवान के बताए नियमों पर चलने की नसीहत दी गई।
संतों ने दिया उपदेश
मेले को लेकर आयोजित विश्नोई सम्प्रदाय के लोगों की धर्मसभा में संतों ने समाज के लोगों को उपदेश भी दिए। वहीं भगवान से बनाए 29 नियमों की व्याख्या करते हुए संत कृपाचार्य ने नशा नहीं करने, हरे पेड़ों को नहीं काटने, वन्य जीवों की रक्षा करने, ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने व झूठ नहीं बोलने समेत कई नियमों की पालना करने को कहा। इस मौके महंत हनुमानदास, आत्मदेव, रामदास, रघुवरदयाल व बालुराम एण्ड पार्टी की ओर से भजनों की प्रस्तुति दी गई।