
भीनमाल.कोटकास्ता ग्राम पंचायत व ग्रामीणोंनेे गांव से सटी करीब 9 बीघा बंजर चारागाह भूमि व छोटी नाडी को अपनी मेहनत से चमन कर दिया है। पंचायत ने मनरेगा के तहत चारागाह भूमि की छोटी नाडी को भी मॉडल तालाब का स्वरूप दे दिया। अब यह चारागाह भूमि व छोटी नाड़ी किसी महानगर के उद्यान से कम नजर नहीं आ रहा है। पूरी 9 बीघा जमीन हरी-भरी नजर आ रही है। गांव के इस सार्वजनिक उद्यान में ग्रामीण सुबह शाम टहलने के लिए पहुंच रहे है। उद्यान का सौन्दर्यकरण देखते ही बन रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह-शाम उद्यान में पहुंचकर सेहत लाभ ले रहे है।
पहले करवाया अतिक्रमणमुक्त फिर लगाए वृक्ष
ग्राम विकास अधिकारी जालाराम विश्नोई ने बताया कि उद्यान विकसित होने से पहले इस भूमि पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। इसके अलावा खाली पड़ी जमीन पर लोग खुले में शौच जाते थे। पंचायत ने प्रशासन की मदद से पूरी चारागाह भूमि को अतिक्रमणमुक्त करवाया। फिर ग्रामीणों की मदद से बंजर भूमि पर सघन वृक्षारोपण किया। वर्तमान में उद्यान में विभिन्न प्रजाति के करीब 2000 पौधे लगे हुए है।
छोटी नाडी को दिया मॉडल तालाब का स्वरूप
मनरेगा श्रमिक हर रोज पिलाते है वृक्षों को पानी
पंचायत में मनरेगा पर कार्य कर रही महिला श्रमिक हर रोज वृक्षों की देखभाल करती है। महिला श्रमिक सुबह-शाम वृक्षों को पानी पिलाती है। वृक्षों की देखभाल होने से पूरे उद्यान में हरितमा छाई नजर आती है। महिला श्रमिकों का कहना है कि वृक्षों की देखभाल करने से सुकून मिलता है। हरे-भरे उद्यान व मॉडल तालाब पर ग्रामीण सुबह-शाम पहुंचकर शुद्ध वातावरण में आनंद ले रहे है।
ग्रामीणों के सहयोग से हुआ उद्यान का विकास
गांव के पास बंजर पड़ी चारागाह भूमि पर पंचायत व ग्रामीणों के सहयोग से उद्यान का विकास किया। सार्वजनिक उद्यान में सुबह-शाम ग्रामीण शुद्ध हवा में टहलने के लिए पहुंच रहे है।
वरदाराम माली, सरपंच, ग्राम पंचायत-कोटकास्ता
हरित क्रांति की मिसाल
कोटकास्ता पंचायत की ओर से चारागाह भूमि को अतिक्रमणमुक्त करवाकर वहां सार्वजनिक उद्यान बना सघन वृक्षारोपण करना हरित क्रांति की मिसाल है। पंचायत से प्रेरणा लेकर अन्य पंचायतों को भी इस तरह कार्य करना चाहिए। जिससे पर्यावरण का संरक्षण हो सके।
हेमाराम चौधरी-विकास अधिकारी, पंचायत समिति-भीनमाल