जालोर

Rajasthan: दोस्त की जगह दी लेक्चरर ने दी परीक्षा, 20 दिन जेल में रहा, अब शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा एक्शन

Dummy Candidate Exam Case: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर सख्ती जारी है। जालोर जिले के एक भूगोल व्याख्याता को दोस्त की जगह डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने और 20 दिन जेल में रहने के मामले में निलंबित कर दिया गया है।

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Mar 27, 2026
डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने वाला व्याख्याता हुकमाराम सस्पेंड। फोटो: पत्रिका

जालोर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर सख्ती जारी है। जालोर जिले के एक भूगोल व्याख्याता को दोस्त की जगह डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने और 20 दिन जेल में रहने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डूंगरी के एपीओ भूगोल व्याख्याता हुकमाराम चौधरी को निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान के आदेश पर निलंबित किया गया है।

पुलिस थाना सिविल लाइन अजमेर में दर्ज प्रकरण के तहत वह 20 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 तक पुलिस और न्यायिक हिरासत में रहा। विभागीय जांच शुरू होने के साथ ही उसे सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय बीकानेर स्थित निदेशक माध्यमिक शिक्षा कार्यालय रखा गया है।

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जिला शिक्षा अधिकारी को भी निर्देश

निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक जालोर को निर्देश जारी किए गए हैं कि प्रकरण में संबधित पुलिस थाना से सम्पर्क कर, गहन प्राथमिक जांच कर अनुशासनात्मक कार्यवाही के प्रस्ताव 7 दिवस में आवश्यक रूप से भेजें।

डूंगरी से पोस्टिंग, वहां से ही अनुशासनहीनता

सेसावा निवासी हुकमाराम को पहली पोस्टिंग की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डूंगरी में भूगोल व्याख्याता के रूप में मिली। यहां इसने 19 मार्च 2021 को नियुक्ति पाई। जिसके बाद वह स्कूल से बिना बताए अनुपस्थित रहने लगा तो शिकायत भी हुई। इस दौरान 1 अगस्त 2024 को तत्कालीन सांचौर जिला कलक्टर शक्तिसिंह (अब सांचौर जिला नहीं) ने स्कूल का विजिट किया तो हुकमारम अनुपस्थित था। अनुशासनहीनता पर कलक्टर ने उसे एपीओ किया। लेकिन उसने आदेश की पालना नहीं की और ज्वाइन नहीं किया।

दोस्त को पास करवा दिया, फिर भी पकड़े गए

आरपीएससी की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 में अपने दोस्त गेनाराम की जगह हुकमाराम जयपुर में डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा बैठा। उसने के लिए 10 लाख रुपए की डील गेनाराम से की थी। हुकमाराम के कारण गेनाराम का चयन हुआ, लेकिन दस्तावेज जांच में गड़बड़ी पकड़ी गई। जांच में गेनाराम की गिरफ्तारी पर उसने मामले का खुलासा किया।

डमी अभ्यर्थी के आरोप में गिफ्तार हुआ

एपीओ के आदेश की पालना भी आरोपी व्याख्याता हुकमाराम ने नहीं की। दूसरी तरफ 20 दिसंबर 2025 को पुलिस थाना सिविल लाइन अजमेर में हुकमाराम के खिलाफ डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देने का मामला दर्ज हुआ। उसे अरेस्ट कर लिया गया। करीब 20 दिन तक आरोपी पुलिस और न्यायिक अभिरक्षा में रहा। अब मामले में विभागीय जांच अमल में लाई जा रही है ओर इसी कड़ी में आरोपी को सस्पेंड कर दिया गया है।

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