
Jalore First Indian Army Officer Pritam Singh Bagediya: राजस्थान के जालोर जिले के मानपुरा कॉलोनी निवासी प्रीतम सिंह बगेड़िया ने संघर्ष और मेहनत की मिसाल पेश करते हुए भारतीय सेना में अधिकारी बनकर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने यूपीएससी की सीडीएस परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल की है और अब उन्हें लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्त किया जाएगा। इस चयन के साथ ही वे जालोर शहर के पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी पद हासिल किया है।
प्रीतम सिंह ने वर्ष 2018 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर का रुख किया था। वहां उन्होंने अपने बड़े भाई संजय सिंह के साथ रहकर अपनी शिक्षा पूरी की और साथ ही सेना में जाने का सपना संजोया। इसके बाद उन्होंने लगातार एनडीए और सीडीएस की परीक्षाएं दीं लेकिन शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिल सकी।
लगातार असफलताओं के बावजूद प्रीतम सिंह ने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर डटे रहे। उनके पिता महेंद्र सिंह ने भी उन्हें लगातार प्रयास करने और मेहनत जारी रखने के लिए प्रेरित किया। प्रीतम चौथे प्रयास में लिखित परीक्षा पास करने में सफल रहे, लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आगे तैयारी जारी रखी।
आखिरकार अपने सातवें प्रयास में उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की और पूरे देश में 41वीं रैंक प्राप्त कर लेफ्टिनेंट पद के लिए चयनित हुए। यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम है। हाल ही में उन्होंने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी से 18 माह का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। अब उनकी पोस्टिंग का इंतजार है।
प्रशिक्षण के दौरान उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। वे लगातार अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहे और कठिन परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी। प्रीतम सिंह का मानना है कि सही दिशा में निरंतर प्रयास करने से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उनकी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने परिजनों खासकर पिता को दिया। वह ही उसको हमेशा मोटीवेट करते थे।