
भाद्राजून(जालोर). निकटवर्ती मोहिवाड़ा-भाद्राजून मार्ग पर लम्बे समय से यातायात संकेतक नहीं होने के कारण यहां से गुजरने वाले वाहनचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार यहां वाहन दुर्घटना ग्रस्त भी हुए। इसको लेकर पत्रिका ने 4 फरवरी के अंक में 'यातायात संकेतकों के अभाव में हो रही दुर्घटनाएंÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। जिसके बाद विभाग की ओर से मोहिवाड़ा-भाद्राजून मार्ग पर यातायात सांकेतक लगाए गए हैं। गौरतलब हैकि यहां अधिक घुमावदार मोड़ होने से वाहनचालकों को हादसे का अंदेशा रहता है। मोहिवाड़ा निवासी शंकर भारती ने बताया कि चूण्डा पंचायत के तहत मोहिवाड़ा-भाद्राजून मार्ग वर्ष 2003 में बना था। वहीं 15 वर्ष बाद इस मार्ग की मरम्मत की गई, लेकिन मरम्मत के बाद सड़क पर कोई संकेतक नहीं लगाने से रात के समय वाहनचालकों को मोड में दुर्घटना की आशंका रहती थी। अत्यधिक मोड़ होने से ग्रामीण इस मार्ग को अजगर मार्ग के नाम से भी पुकारते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भाद्राजून से मोहिवाड़ा मार्ग पर तो यातायात संकेतक लग गए, लेकिन मोहिवाड़ा से चूंडा व किशनगढ़ तक संकेतक नहीं लगे हैं। ग्रामीणों ने जल्द ही इस मार्ग पर यातायात संकेतक लगवाने की मांग की है। ताकि भविष्य में कोई दुर्घटना नहीं हो।