
Rajasthan School : राजस्थान में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों को लेकर बहस के बीच जालोर के ग्राम पंचायत बिबलसर के सारब बेरा देलदरी के ग्रामीणों ने मिसाल पेश की है। हादसे के खतरे को देखते हुए स्कूल का पुराना भवन गिरा दिया गया, लेकिन नया भवन बनने का इंतजार करने के बजाय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर 40 गुना 10 फीट का टीनशेड तैयार करवा दिया। अब इसी टीनशेड में कक्षा पांच तक के 36 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे है।
बात यहीं खत्म नहीं होती है, ग्रामीणों ने केवल टीनशेड ही नहीं बनवाया, बल्कि स्कूल में पानी की व्यवस्था के लिए करीब 40 हजार रुपए की लागत से पानी की टंकी, करीब 30 हजार रुपए से मुख्य द्वार और 60 हजार रुपए का फर्नीचर भी उपलब्ध करवाया। सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना ग्रामीणों की यह पहल शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सारब बेरा में वर्ष 1999 तक राजीव गांधी पाठशाला संचालित होती थी, जो बाद में बंद हो गई। पिछले सत्र में यहां फिर विद्यालय स्वीकृत हुआ। पुराने भवन में तीन कक्षा-कक्ष और एक स्टाफ कक्ष था, लेकिन भवन जर्जर होने के कारण उसे गिराने के आदेश हुए। भवन हटने के बाद बच्चों के सामने पढ़ाई के लिए जगह की समस्या खड़ी हो गई। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने और नए भवन के निर्माण का इंतजार करने के बजाय खुद ही पहल की। करीब 1.40 लाख रुपए खर्च कर टीनशेड का निर्माण करवाया गया। इसमें एक कक्ष भी तैयार किया गया है।
अभावों के बावजूद क्षेत्र के ग्रामीणों में बच्चों को पढ़ाने का उत्साह देखने को मिल रहा है। वर्तमान में विद्यालय में 36 विद्यार्थियों का नामांकन है। दो पंचायत शिक्षक यहां सेवाएं दे रहे हैं। पंचायत शिक्षक नितेश चौहान और दिनेश कुमार गर्ग बच्चों को पढ़ा रहे हैं।