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राजस्थान के नए जिलों को लेकर गरमाई सियासत, इस जिले को रद्द करने को लेकर BJP में मचा घमासान

New Districts on Politics: राजस्थान में नए जिलों को लेकर सियासत गरमाई हुई है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने इस नए जिले को रद्द नहीं करने को लेकर पत्र लिखा है। जानें ...
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Updated: 10 Sep 2024, 2:41 PM IST
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Rajasthan New Districts: राजस्थान में पूर्ववर्ती सरकार के बनाए 17 नए जिलों को लेकर सियासत गरमा गई है। जालोर-सांचौर के भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह राव बोरली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सांचौर जिले को रद्द नहीं करने को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि 'यहां की जनता में गहरा असंतोष और चिंता उत्पन्न हो रही है।'

जालोर-सांचौर के भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह राव बोरली ने पत्र में लिखा कि 'सांचौर जिला वर्तमान में हमारी सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है। इस क्षेत्र के लोग अपनी आवश्यक्ताओं और समृद्धि के लिए लंबे समय से सांचौर क्षेत्र पर निर्भर हैं, जिसे पूर्व सरकार द्वारा जालोर जिले को विभाजित कर सांचौर को नवीन जिला बनाया था, इसीलिए सांचौर जिले को यथावत रखना अति महत्वपूर्ण है।

सरकार द्वारा सांचौर जिले के पुर्नगठन पर विचार किया जा रहा है। इस संभावित परिवर्तन से यहां की जनता में गहरा असंतोष और चिंता उत्पन्न हो रही हैं। यह पुर्नगठन न केवल स्थानीय विकास का प्रभावित करेगा, बल्कि यहां की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक ढांचे पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा।

सांचौर जिला घोषित होने के बाद जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, अपराध एवं गैर कानूनी गतिविधियां (डोडा, अफिम, स्मैक, एमडी सहित अवैध मादक पदार्थों की तस्करी) में भारी गिरावट देखने को मिली हैं, जो क्षेत्रवासियों के लिए हितकारी हैं।

सांचौर जिले को यथावत रखा जाए- BJP जिलाध्यक्ष

सांचौर में विश्व प्रसिद्ध सबसे बड़ी गौशाला श्री पथमेड़ा स्थित हैं, जो क्षेत्र में गौसेवा का प्रमुख केन्द्र हैं। साथ ही सांचौर में राष्ट्रीय राजमार्ग 68 एवं 168ए गुजरता है। जिस पर देश महत्वपूर्ण रिफाईनरी को कांडला पोर्ट से जोड़ने का कार्य कार्य कर रहा हैं, जिस पर भारी मात्रा में आवागमन रहता है। इसी के साथ वर्तमान में सांचौर जिले से भारतमाला परियोजना के तहत निर्मित 754के एवं 925ए गुजर रही है, जोकि देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक स्थानों एवं पर्यटन स्थानों से क्षेत्र को जोड़ता है।

वर्तमान सांचौर जिले के अंतिम गांव से जालोर जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 230 किमी हैं, जिसके कारण वहां की आबादी को जिला मुख्यालय पर विभिन्न कार्यों हेतु आवागमन में विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं, क्षेत्र में सांचौर, चितलवाना, रानीवाडा क्षेत्र शिक्षा के साथ साथ स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में पिछडे रहे थे किंतु सांचौर जिला बनने के पश्चात इन क्षेत्रों में नवाचार की आस जगी है। आपसे सविनय अनुरोध है कि सांचौर जिले को यथावत रखा जाए, जिससे क्षेत्र के विकास एवं सामाजिक समृद्धि की दिशा में आगे बढने की राह सुगम हो सके।'

साचौर बार एसोसिएशन ने सोमवार को रखी हड़ताल

वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान के विरोध में बार एसोसिएशन सांचौर ने सोमवार को एक दिन हड़ताल की घोषणा की। बार एसोसिएशन सांचौर ने घोषणा करते हुए कहा कि, “भाजपा प्रदेशाध्यक्ष द्वारा सांचोर जिले को निरस्त करने के दिए बयान के विरोधस्वरूप एवं सांचोर को जिला यथावत रखने की मांग को लेकर आज दिनांक 09 सितंबर 2024 को एक दिन के लिए बार एसोसिएशन सांचोर के समस्त अधिवक्तागण स्वैच्छिक रुप से व्यक्तिशः/वर्चुअल उपस्थिति नहीं देंगे तथा एक दिन के लिए हड़ताल पर रहेंगे।”

कई जिले अनावश्यक- मदन राठौड़

बताते चलें कि हाल ही में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने भीलवाड़ा में मीडिया से बातचीत में 6-7 नए जिलों को रद्द के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के दौरान बने नए जिलों में कई जिले अनावश्यक रूप से बनाए गए हैं, ऐसे जिले जल्द समाप्त कर दिए जाएंगे।

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10 Sep 2024, 2:41 PM IST
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