
जालोर। आरपीएससी वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को बड़ी सफलता मिली है। दो वर्षों से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी नरेश कुमार बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने का आरोप है। बताया जा रहा है कि इसके लिए 5 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि पेपर लीक प्रकरण के बाद 29 जनवरी 2023 को सामान्य ज्ञान विषय की परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी।
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जांच के दौरान सामने आया कि मूल अभ्यर्थी गोपाल सिंह ने स्वयं परीक्षा नहीं दी थी, बल्कि अपनी जगह दो अलग-अलग डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया था। जांच में पता चला कि उदयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर सामान्य ज्ञान विषय की परीक्षा में गोपाल सिंह के स्थान पर जालोर निवासी नरेश कुमार बिश्नोई शामिल हुआ था। वहीं विज्ञान विषय की परीक्षा में गोपाल सिंह की जगह एमबीबीएस छात्र विष्णु प्रकाश ने परीक्षा दी थी। एसओजी विष्णु प्रकाश को पिछले वर्ष ही गिरफ्तार कर चुकी है।
डमी अभ्यर्थियों की मदद से गोपाल सिंह परीक्षा में सफल हो गया था और उसका चयन वरिष्ठ अध्यापक पद के लिए भी हो गया था। हालांकि, आरपीएससी में शिकायत दर्ज होने के कारण उसका नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया। एसओजी ने मूल अभ्यर्थी गोपाल सिंह को दिसंबर 2023 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि नरेश कुमार बिश्नोई तब से फरार चल रहा था। अब उसे भी गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के खिलाफ जालोर जिला पुलिस और साइबर अपराध पुलिस थाना ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं), राजस्थान, जयपुर के निर्देशन में और साइबर अपराध थानाधिकारी निरंजनप्रताप सिंह के निकटतम सुपरविजन में विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत पुलिस ने करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने विभिन्न म्यूल खातों के माध्यम से करीब 4.20 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की राशि का लेन-देन किया था। सघन अनुसंधान और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 16 म्यूल खाताधारकों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं।