Jalore murder case : जालोर जिले के सांचौर थाना क्षेत्र में हरियाली नहर में संदिग्ध अवस्था में शव मिलने के संदिग्ध मामले में पुलिस ने अहम खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी पुत्र और पुत्री है। इस मामले में आरोपी पुत्र दिनेश ने ही परिवादी बनकर हत्या का मामला दर्ज करवाया था।

जालोर। सांचौर थाना क्षेत्र में हरियाली नहर में संदिग्ध अवस्था में शव मिलने के संदिग्ध मामले में पुलिस ने अहम खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी पुत्र और पुत्री है। इस मामले में आरोपी पुत्र दिनेश ने ही परिवादी बनकर हत्या का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने इस संदिग्ध प्रकरण में जांच शुरु की तो अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी दिनेश कुमार ने समाज और पुलिस की आंखों में धूल झोंकककर स्वयं परिवादी बनकर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। दिनेश ने बचने के लिए सूरत (गुजरात) में होने की झूठी कहानी गढ़ी थी। परंतु सांचौर पुलिस के तकनीकी अनुसंधान ने आरोपी की इस झूठी कहानी का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी दिनेश वारदात के समय गुपचुप तरीके से पांचला में ही मौजूद था।
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि पारिवारिक क्लेश, जमीन और पैसों के विवाद के चलते घटना की रात को पैतृक मकान पर पुत्र दिनेश कुमार और पुत्री भावना ने मिलकर डामराराम की हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य पूरी तरह नष्ट करने के लिए दिनेश और भावना ने मृत पिता के शव को बीच में लादकर रात के सन्नाटे में अपने घर से करीब 20 किलोमीटर दूर ले जाकर नहर के पानी में गिरा दिया।
इस खौफनाक सच के ऑन-रिकॉर्ड प्रमाणित होते ही पुलिस थाना सांचौर टीम ने मुख्य अभियुक्त दिनेश कुमार और उसकी सगी बहन व सह अभियुक्त भावना को गिरफ्तार किया। इस अत्यंत जटिल और सनसनीखेज मामले को बेनकाब करने में सांचौर थाने के कांस्टेबल हड़मानाराम व कांस्टेबल जयन्तीलाल की विशिष्ट ग्राउंड इंटेलिजेंस और सजगता अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
7 जून सवेरे पुलिस को सूचना मिली कि हरियाली नहर में अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है। शव के साथ मिले मोबाइल फोन के आधार पर शव की शिनाख्त डामराराम मेघवाल निवासी पांचला के रूप में हुई। मृतक के पुत्र प्रार्थी दिनेशकुमार ने अपने पिता डामराराम की हत्या अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कर उसकी लाश को नहर में फेंकने के सम्बंध में रिपोर्ट पेश की गई। पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर अनुसंधान शुरु किया। जिसमें पुत्र और पुत्री ही हत्या के आरोपी के रूप में पकड़ में आए।
जांच अधिकारी नेमाराम ने बताया कि पुत्र ने ही हत्या का प्रकरण दर्ज करवाया था। पुत्र और पुत्री ही हत्या के आरोपी है। मामले में अनुसंधान जारी है। संपति विवाद समेत पारिवारिक क्लेश हत्या का कारण सामने आ रहा है। प्रकरण की जांच जारी है।