जालोर

Rajasthan: राजस्थान में लूनी नदी ने किया हाल-बेहाल, 2 गांवों को घेरा, घरों में कैद ग्रामीण, सड़क पर 4 फीट पानी

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पीने के पानी और खाद्य सामग्री की भारी किल्लत बनी हुई है। जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है, मगर स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई सहायता नहीं पहुंची है।

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Jul 30, 2025
सुजानपुरा गांव के लोग पानी पार कर राशन सामग्री लेकर आते हुए। फोटो- पत्रिका

राजस्थान के जालोर में लगातार हो रही बारिश के कारण लूनी नदी उफान पर है और इसका असर नेहड़ क्षेत्र के गांवों पर देखने को मिल रहा है। सुराचंद ग्राम पंचायत के सुजानपुरा गांव की स्थिति इन दिनों अत्यंत दयनीय हो रही है।

गांव के चारों तरफ लूनी नदी का पानी फैल गया है, जिससे लोगों का गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क - खासरवी से सुजानपुरा मार्ग पर लगभग 3 से 4 फीट पानी बह रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। ग्रामीणों को यदि किसी अति आवश्यक कार्य से बाहर जाना हो, तो उन्हें पानी में उतरकर या तैरकर निकलना पड़ रहा है।

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पानी से रास्ता बंद

लूनी नदी का प्रवाह क्षेत्र पंचायत मुख्यालय से जुड़ने वाले ग्रेवल सड़क मार्ग पर होने के कारण वहां भी पानी का भारी भराव हो गया है, जिससे यह रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है। इसी तरह टांपी ग्राम पंचायत का पावटा गांव भी चारों ओर से पानी से घिर चुका है। गांव में प्रवेश करने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर भी लूनी नदी का पानी बह रहा है। गांव के आम रास्ते और खेत सभी जलमग्न हो गए हैं। कई घरों में भी पानी घुसने की खबरें सामने आ रही हैं।

खाद्य सामग्री की किल्लत

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पीने के पानी और खाद्य सामग्री की भारी किल्लत बनी हुई है। जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है, मगर स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई सहायता नहीं पहुंची है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र राहत सामग्री, पीने का पानी और मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है। साथ ही, पानी निकासी और आवागमन के वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की भी आवश्यकता जताई है। यदि समय पर मदद नहीं पहुंची, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।

हर साल बारिश में जल भराव, मगर प्रशासन ध्यान नहीं देता

खासरवी से सुजानपुरा को जोड़ने वाला मार्ग हर वर्ष ग्रामीणों के लिए मुसीबत लाता है। यहां पुरानी रपट है, जो वर्षा ऋतु में डूब जाती है। बारिश के मौसम में यह रपट ग्रामीणों की परेशानी बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। ग्रामीण मदनलाल मोदी ने बताया कि इसको लेकर तत्कालीन मंत्री से आग्रह किया गया था।

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उस समय मंत्री ने आश्वासन दिया था कि रपट की जगह पुलिया का निर्माण जल्द करवाया जाएगा, मगर वह सिर्फ वादा बनकर रह गया। इसके बाद वर्तमान विधायक जीवाराम चौधरी ने चुनाव के समय यह वादा किया था कि यह पुलिया बनवाएंगे, लेकिन अब उनके वादे को भी दो साल से ज्यादा समय बीत चुका है। पुलिया नहीं बना है।

इन्होंने कहा

लूनी नदी के प्रवाह से गांवों में पानी पहुंचने की जानकारी मिली है। ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है। मेडिकल व अन्य सुविधाओं के लिए निर्देशित किया गया है।
देसलाराम परिहार, उपखंड अधिकारी, चितलवाना

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