जालोर

Rajasthan Road News: जोधपुर तक सफर होगा आसान, इस बड़े रोड प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 555 करोड़, बनेंगे तीन टोल प्लाजा

Jalore-Jodhpur Road Project: जालोर से जोधपुर तक सफर अब आसान होने जा रहा है, रोहिट-आहोर-बागरा रोड के पुनर्निर्माण के लिए 555 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। डीपीआर अप्रेल तक पूरी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और 18 से 24 माह में प्रोजेक्ट पूरा होने की संभावना है।

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Mar 01, 2026

Rajasthan Infra News जालोर। जोधपुर तक सुगम सफर के लिए रोहिट-आहोर-बागरा रोड राहत भरा कदम साबित होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए हाल ही में राज्य बजट 2026-27 में 555 करोड़ रुपए घोषित किए गए हैं। प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर तैयार करने का कार्य चल रहा है। इसके अप्रेल माह तक पूरा होने का अनुमान है, जिसके बाद एजेंसी के निर्धारण के साथ प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू हो जाएगा।

वर्तमान में जालोर से जोधपुर तक आवाजाही करने वाले वाहन चालकों के लिए यह मार्ग सिरदर्द से कम नहीं है। भविष्य में मार्ग पूरी तरह से नया बनने के बाद जोधपुर तक आवाजाही आसान हो जाएगी। आवाजाही को सुगम बनाने के लिए सिणगारी के पास रेलवे क्रॉसिंग पर फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी करवाया जाएगा। इससे जालोर से रवाना होने के बाद वाहन चालक बिना रुके जोधपुर तक आसानी से पहुंच सकेंगे। अक्सर आपातकालीन मामलों में यह क्रॉसिंग आफत का कारण बनती थी।

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तीन स्थान पर बनेंगे टोल प्लाजा

नई गाइडलाइन के अनुसार टोल वसूली के दायरे में 40 किमी की दूरी पर टोल स्थापित किए जाएंगे। दो टोल प्लाजा रोहिट से आहोर के बीच स्थापित होंगे, जबकि तीसरा प्लाजा 30 किमी बायपास रोड आहोर-बागरा के बीच स्थापित किया जाएगा।

पहले बीओटी स्कीम में था यह मार्ग

वर्ष 2010 में बीओटी स्कीम में इस मार्ग का निर्माण हुआ था। उसके बाद यह लगातार परेशानी का कारण बना रहा। अब यह बीओटी स्कीम में नहीं बनेगा। नए प्रोजेक्ट में एजेंसी को भी राहत दी गई है, जिसके तहत कार्य पूरा होने पर पांच अलग-अलग किश्तों में एजेंसी को कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का 40 फीसदी भुगतान किया जाएगा। वहीं शेष 60 फीसदी भुगतान 15 साल में 30 किश्तों में किया जाएगा।

बायपास के विकल्प भी तलाशे जाएंगे

जालोर से रोहिट होते हुए जोधपुर तक पहुंचने में वर्तमान में तीन घंटे तक का समय लगता है। रोड की दयनीय स्थिति और आबादी क्षेत्र से होकर गुजर रही सड़कों के कारण ये हालात बने हुए हैं। इस स्थिति में गांवों के बीच से गुजरने वाले हिस्सों में बायपास और मोड़ वाले हिस्सों को सीधा करने के विकल्प भी तलाशे जाएंगे।

18 से 24 माह में कार्य पूर्ण होने की संभावना

अप्रेल में डीपीआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट का कार्य 18 से 24 माह में पूरा होने की संभावना है। कार्य पूरा हो जाने के बाद जोधपुर तक पहुंचने वाले वाहन चालकों के 30 मिनट तक समय की बचत होगी।

इन्होंने कहा

प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर का काम चल रहा है। यह कार्य पूरा होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और तय एजेंसी की ओर से इस प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा।

  • केदार शर्मा, एसई, पीपीपी मोड

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