जालोर

चोरी के डर या डकारने की नीयत से सरकारी वाहन के टायर खोले

बरामद माल को ज्यों का त्यों रखने के नियम ताक पर, शराब के साथ जब्त कर रखी जीप के टायर निकाले
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Updated: 20 Nov 2017, 11:19 AM IST
Jalore News
Jeep of Excise Department

जीतेश रावल. जालोर

मादक पदार्थों की धरपकड़ के साथ जब्त वाहनों को ज्यों की त्यों हालत में रखना पड़ता है, लेकिन आबकारी महकमे में ऐसा नहीं है। चलती हालत में मिली जीप को जब्त करपत्थरों पर खड़ा कर दिया। यह जीप इसी हालत में अब आबकारी थाने में जब्त पड़ी है। मामला जालोर के आबकारी निरोधक दल (ईपीएफ) थाने का है।

अधिकारी बताते हैं कि जीप कोई चुरा न ले जाए इसलिए टायर निकाल दिए हैं। वैसे भारी-भरकम लवाजमा होने के बावजूद आबकारी थाने से कोई वाहन चुरा ले जाए यह मुश्किल ही है।ऐसे में हकीकतन ही वाहन चोरी का डर सता रहा है या जीप के टायर कोई डकार गया है यह कहना मुश्किल है।

दूर से दिखती सही-सलामत

जीप के सामने का हिस्सा दीवार से सटा हुआ है तथा टायर सलामत है, लेकिन पिछले दोनों टायर खोल रखे हैं।सहारा देने के लिए जैक के बजाय पत्थर लगाए हैं, जो रबर के झूल रहे मड गार्ड से नजर ही नहीं आते।दूर से जीप सही-सलामत नजर आती है।

खराब तो वैसे ही होंगे

टायर सही हालत में होने से खराब न हो इसलिए निकाले जाने का तर्क भी दिया जा रहा है, लेकिन जब्त वाहन के टायर खराब हो या बचे रहेइसकी चिंता क्यों की जा रही है।जीप से खोल कर स्टोर में रखे टायर भी काफी समय तक रखे रहने से खराब हो सकते हैं। ऐसे में खोल कर रखने का औचित्य समझ से परे है।

नियम... उसी हालत में रखना जरूरी

नियमानुसार जिस हालत में वाहन जब्त किया जाता हैउसे उसीहालत में रखना होता है।मौका-फर्द में भी इसका हवाला देना होता है।इसमें स्पष्ट उल्लेख करते है कि वाहन चलती हालत में पकड़ा गया था।ऐसे में वाहन को उसी हालत में रखना जरूरी है।

यह था मामला

गत 4 नवम्बर को आबकारी निरोधक दल (ईपीएफ) ने कार्रवाई कर जीप में शराब परिवहन करने का मामला पकड़ा था। जीप से देसी शराब के पव्वों से भरे छह कर्टन बरामद किए गए। मामले में रेवतड़ा निवासी विक्रमसिंह पुत्र केसरसिंह को गिरफ्तार कर जीप जब्त कर ली थी।

चोरी का डर है...

सदी की रातों में वाहन चोरों का डर रहता है। जीप कोई चुरा न ले जाए इसलिए पिछले टायर खोल कर स्टोर में रखे हैं।
- सोमराज बिश्नोई, आबकारी निरीक्षक, जालोर

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