जालोर

Four Lane Project: राजस्थान के इस फोरलेन प्रोजेक्ट पर तेजी से हो रहा काम, रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां

जालोर-बागरा फोरलेन प्रोजेक्ट की अटकी रफ्तार अब पटरी पर लौटती दिख रही है। तमाम अड़चनें दूर होने के बाद डिवाइडर निर्माण समेत अन्य कार्यों में तेजी आई है, जिससे जल्द ही आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।

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Feb 03, 2026
हैड पोस्ट ऑफिस रोड पर ब्लॉकेज निकालने में जुटी मशीनरी। फोटो- पत्रिका

जालोर। जालोर-बागरा फोरलेन प्रोजेक्ट की तमाम रुकावटें दूर होने के बाद अब कार्य में तेजी आ गई है। बागरा से जालोर के बीच 18 किलोमीटर मार्ग में से 7 किलोमीटर दायरे में डिवाइडर का निर्माण पूरा कर लिया गया है। शेष हिस्से में भी तेजी से काम किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जालोर-बागरा के 18 किलोमीटर मार्ग में धानपुर, औद्योगिक क्षेत्र और भागली क्षेत्र एक्सीडेंटल जोन के रूप में चिन्हित हैं।

मार्ग संकरा होने और वाहनों की आवाजाही अधिक रहने से हालात गंभीर बने हुए थे। इसी समस्या को देखते हुए ग्रेनाइट उद्यमियों ने मार्ग को फोरलेन में क्रमोन्नत करने की मांग की थी। इस पर पिछली कांग्रेस सरकार ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए 53.22 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की थी, लेकिन विभिन्न स्तरों पर अड़चनें आने से काम में देरी हुई। बाधाएं दूर होने के बाद अब कार्य प्रारंभ किया गया है।

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औद्योगिक क्षेत्र से बागरा के बीच काम में तेजी

औद्योगिक क्षेत्र तृतीय चरण से बागरा के बीच कार्य तेज गति से चल रहा है। इस हिस्से में 7 किलोमीटर तक डिवाइडर का निर्माण पूरा हो चुका है। इस कार्य को एक माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सिटी पोर्शन में काम धीमी गति से चल रहा

भीनमाल तिराहा से औद्योगिक क्षेत्र तृतीय चरण तक करीब 5 किलोमीटर दायरे में 128 बिजली के पोल और टावर शिफ्ट नहीं होने के कारण कार्य अटका हुआ था। अब इनकी शिफ्टिंग के लिए टेंडर हो चुके हैं। शिफ्टिंग पूरी होते ही बकाया कार्य भी जल्द पूरा किया जाएगा।

पत्रिका व्यू : अनावश्यक कट पर लगाम जरूरी

औद्योगिक क्षेत्र से लेकर बागरा तक मुख्य मार्ग के आसपास ग्रेनाइट इकाइयां स्थित हैं। ट्रक और ट्रेलरों के सीधे मुख्य मार्ग पर आने से रोकने के लिए डिवाइडर में दिए गए अनावश्यक कट पर लगाम लगाना जरूरी है, ताकि भारी वाहन केवल सर्विस रोड के माध्यम से ही सुरक्षा नियमों की पालना करते हुए मुख्य सड़क तक पहुंच सकें।

रात के समय वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए डिवाइडर वाले हिस्से में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी आवश्यक है। डिवाइडर निर्माण पूरा होने के बाद रोशनी के उचित इंतजाम से हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

शुरुआत में दो स्तर पर अटका था काम

  • जालोर-बागरा के बीच भागली टोल नाका स्थित है। यह मार्ग बीओटी स्कीम के तहत बना था। टोल वसूली करने वाली एजेंसी ने पहले एनओसी देने से इनकार कर दिया था, लेकिन विभिन्न स्तरों पर वार्ता के बाद सहमति बन पाई।
  • कार्य शुरू होने पर वन विभाग ने रोक लगा दी थी। इस प्रोजेक्ट में 700 से अधिक पेड़ों की कटाई होनी थी, जिसके चलते वन विभाग ने काम रुकवाया। पीडब्ल्यूडी की ओर से निर्धारित राशि जमा कराने के बाद कार्य दोबारा शुरू हो सका।

प्रोजेक्ट एक नजर में

  • 18 किलोमीटर लंबाई है मार्ग की
  • 16.50 मीटर चौड़ाई है मार्ग की
  • 1.50 मीटर चौड़ा होगा डिवाइडर
  • 53.22 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण

इन्होंने कहा

जालोर-बागरा फोरलेन प्रोजेक्ट में फिलहाल डिवाइडर का कार्य चल रहा है। शेष बकाया कार्य भी जल्द पूरे किए जाएंगे, जिससे आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा।

  • शंकरलाल सुथार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, जालोर

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