
Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के राज्य का दर्जा वापस देने वाले प्रस्ताव को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोमवार को BJP ने विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया। BJP का कहना है कि स्पीकर ने विधानसभा के नियमों का सही तरीके से पालन किए बिना उमर अब्दुल्ला के प्रस्ताव को सदन में रखने की मंजूरी दी।
25 सितंबर को उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को जल्द पूरा राज्य का दर्जा देने की मांग वाला प्रस्ताव विधानसभा में रखा था। इसमें विधानसभा में साल 2000 और नवंबर 2024 में पास किए गए पुराने प्रस्तावों का भी जिक्र था। इसी बात को लेकर BJP विधायक नाराज हो गए। सदन में हंगामा शुरू हो गया और कुछ BJP विधायक वेल में पहुंच गए। इस दौरान प्रस्ताव की प्रतियां भी फाड़ी गईं। हंगामा बढ़ने के बाद विधानसभा की कार्यवाही रोकनी पड़ी थी।
BJP का कहना है कि नए प्रस्ताव में सिर्फ जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने की बात होनी चाहिए थी। पार्टी को पुराने स्वायत्तता और विशेष दर्जे से जुड़े प्रस्तावों का जिक्र करने पर आपत्ति है। वहीं, उमर अब्दुल्ला का कहना है कि उनके नए प्रस्ताव का मकसद सिर्फ जम्मू-कश्मीर का पूरा राज्य का दर्जा वापस दिलाना है। पुराने प्रस्तावों का जिक्र करने का यह मतलब नहीं है कि उन्हें फिर से लागू करने की मांग की जा रही है।
राज्य का दर्जा वापस देने के प्रस्ताव से शुरू हुआ विवाद अब विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंच गया है। BJP ने राथर को हटाने का प्रस्ताव पेश कर दिया है। यानी अब सदन में राज्य के दर्जे के साथ-साथ स्पीकर की भूमिका को लेकर भी बहस होने वाली है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के आधिकारिक पोर्टल पर भी उमर अब्दुल्ला के 25 सितंबर को पेश किए गए प्रस्ताव से जुड़े बदलावों की जानकारी दी गई है। 28 सितंबर के कामकाज में भी इस प्रस्ताव से जुड़ा काम शामिल है। अब देखना होगा कि विधानसभा में स्पीकर को हटाने के BJP के प्रस्ताव और राज्य का दर्जा वापस देने वाले प्रस्ताव पर आगे क्या फैसला होता है।