
(जम्मू): वायु सेना ( Indian Airforce ) के जवानों की हत्या के बहुचर्चित मामले की सुनवाई 11 सितंबर से शुरू होगी। इस केस में अलगाववादी नेता यासीन मलिक ( Yasin Malik ) का भी नाम शामिल है। मलिक को कुछ महीने पहले ही पकड़ा गया था। अभी वह जेल में है। यासीन को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जज के सामने पेश किया जाएगा। आइए जानते है क्या है पूरा मामला...
1990 के बाद से यासीन था जमानत पर
25 जनवरी 1990 को श्रीनगर में आतंकियों ने एयरफोर्स के 4 जवानों की हत्या कर दी थी। मामले में यासिन मलिक का नाम भी जुड़ा है। मामले की सुनवाई सीबीआई कर रही है। केस जम्मू की टाडा कोर्ट में है। यासीन 1990 के बाद से ही जमानत पर था। सीबीआई ने अगस्त 1990 में मलिक के खिलाफ दो आरोपपत्र दायर किए थे। अब करीब 30 साल बाद एजेंसी को मलिक के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुति मिल गई है।
इन मामलों में भी शामिल रहा यासीन
एनआईए ने टेरर फंडिंग ( Terror Funding ) मामले में भी यासीन मलिक को पकड़ा था। 1989 में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी के अपहरण मामले में भी यासीन का नाम शामिल है।
यह भी पढ़ें: सावधान! मासूम बच्चों को जेहादी बना रहा पाकिस्तान