
घाटी में कश्मीरी पंडितों को फिर आतंकियों की धमकी | फाइल फोटो
Jammu Kashmir:कश्मीर घाटी में सरकारी नौकरी कर रहे कश्मीरी पंडितों को एक बार फिर आतंकियों की ओर से डराने-धमकाने की कोशिश की गई है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी गुट 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' (ULC) ने एक धमकी भरा पत्र जारी किया है। इस चिट्ठी में 6 सरकारी कर्मचारियों के नाम और उनके मोबाइल नंबर भी लिखे गए हैं। इस खत के सामने आते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गई हैं।
आतंकी संगठन द्वारा जारी 7 अगस्त 2026 की तारीख वाले इस खत में कर्मचारियों की निजी जानकारियां दी गई हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, कर्मचारियों के ठिकाने, फोन नंबर और पारिवारिक ब्योरा सार्वजनिक करने के पीछे आतंकियों की मंशा उन्हें पहचान देकर टारगेटेड हमलों का शिकार बनाना है। इस थ्रेट नोट के सामने आते ही सुरक्षा बलों ने सभी संवेदनशील ठिकानों और कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा और बढ़ा दी है।
चिट्ठी में आतंकियों ने साफ तौर पर कहा है कि यदि कश्मीरी पंडित घाटी छोड़कर जम्मू या राज्य के बाहर शिफ्ट होते हैं, तो भी वे सुरक्षित नहीं रहेंगे। आतंकियों ने लिखा कि अगर इन प्रवासियों को लगता है कि वे हमारी पहुंच से दूर हैं तो यह उनकी गलतफहमी है। हमारे पास उनके परिवारों और ठिकानों की पूरी जानकारी है। इस बार जम्मू में भी छिपना आसान नहीं होगा, जरूरत पड़ने पर वहां भी पीछा किया जाएगा। आतंकियों ने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अब 'वर्क फ्रॉम होम' का बहाना नहीं चलेगा।
आतंकी गुट ULC का कहना है कि वह घाटी के विभिन्न सरकारी विभागों, विशेषकर राजस्व विभाग पर पैनी नजर रख रहा है, जहां पीएम पैकेज के तहत कश्मीरी पंडित काम कर रहे हैं। इसके अलावा पत्र में सुरक्षा तंत्र को चुनौती देते हुए कहा गया है कि पुलिस बल में स्थानीय नागरिक शामिल हैं जो इसी समाज में रहते हैं, इसलिए उन्हें कहीं भी निशाना बनाना कठिन नहीं है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आतंकियों या उनके समर्थकों की संपत्तियां कुर्क (सीज) की गई, तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
घाटी में पिछले कुछ दिनों में आम लोगों और सुरक्षाकर्मियों पर हुए हमलों को देखते हुए इस धमकी को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया जा रहा है। इससे पहले भी इस वर्ष की शुरुआत में TRF जैसे शैडो ग्रुप्स की तरफ से ऐसी धमकियां दी जा चुकी हैं। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पत्र की सत्यता और इसके स्रोत की जांच में जुटी हैं, वहीं कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के मन में एक बार फिर डर का माहौल बन गया है।
Updated on:
09 Aug 2026 11:50 am
Published on:
09 Aug 2026 11:43 am
