
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो (Photo/ANI)
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत रविवार सुबह बिगड़ गई। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर मेडिकल टीम लगातार नजर रख रही है।
देवेंद्र महतो का यह संघर्ष एक दिन का नहीं है। उन्होंने 25 जुलाई से सत्याग्रह की शुरुआत की थी, और फिर 2 अगस्त से पूरी तरह अनशन पर बैठ गए। यानी आज उनके अनशन का सातवां दिन है। लगातार थकान और शरीर में कमजोरी के बावजूद उनका कहना है कि शरीर थक सकता है, लेकिन इंसाफ की लड़ाई के लिए उनका इरादा नहीं टूटेगा।
छात्रों की इस लड़ाई को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो ने रविवार सुबह से एक दिन का निर्जला उपवास शुरू कर दिया है। उन्होंने देवेंद्र महतो की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए सरकार से मांग की कि छात्रों की समस्याओं का तुरंत हल निकाला जाए।
यह सारा मामला शुरू हुआ 2 जुलाई से, जब 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आया। छात्रों को इस रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका हुई, जिसके बाद 5 जुलाई से लगातार प्रदर्शन शुरू हो गए। धीरे-धीरे मामला इतना बढ़ा कि 25 जुलाई से आंदोलन ने अनिश्चितकालीन सत्याग्रह का रूप ले लिया। आज इस सत्याग्रह का 16वां दिन है।
छात्रों की मुख्य मांग यही है कि JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाए। छात्र नेताओं का कहना है कि जो भी अनियमितताएं हुई हैं, उनकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया में जरूरी सुधार भी किए जाने चाहिए, ताकि आगे ऐसी नौबत दोबारा न आए।
छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक धरना और अनशन जारी रहेगा। देवेंद्र महतो की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनकर आंदोलन स्थल पर मौजूद बाकी छात्रों में स्वाभाविक रूप से चिंता का माहौल बन गया। बावजूद इसके छात्रों ने दोहराया कि स्वास्थ्य को लेकर आ रही चुनौतियां उनके इरादों को कमजोर नहीं कर सकतीं और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
Updated on:
09 Aug 2026 12:10 pm
Published on:
09 Aug 2026 12:10 pm
