
Gulzar Singh Ranike (Photo ANI)
अमृतसर। पंजाब चुनाव से पहले एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के एक साथ आने की चर्चाएं तेज हो गई है। इस बीच परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने अपना रुख साफ कर दिया है। पूर्व मंत्री और अकाली दल के वरिष्ठ नेता गुलजार सिंह रानीके ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी हमेशा से महिलाओं के अधिकारों और जनहित के मुद्दों के पक्ष में रही है और आगे भी रहेगी।
मीडिया से बात करते हुए गुलजार सिंह रानीके ने कहा कि अकाली दल हमेशा महिलाओं के हक में रहा है और आगे भी रहेगा। यह जनहित का मामला है। परिसीमन भी जनता के हित में है, इसलिए हमने इसका समर्थन करने का फैसला किया है। जो बिल आ रहे हैं, वे पंजाब के हित, शांति और समृद्धि के लिए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कल पार्टी अध्यक्ष द्वारा यह फैसला लिया गया।
भारतीय जनता पार्टी के साथ दोबारा गठबंधन की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर रानीके ने कहा कि वह एक अलग विषय है। आगे क्या होगा, कैसे होगा, इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। हम फिलहाल केवल इतना कह सकते हैं कि इन विधेयकों का समर्थन करने पर पार्टी के भीतर आम सहमति बन चुकी है। गौरतलब है कि सुखबीर बादल और पीएम मोदी के बीच शुक्रवार को बंद कमरे में अहम बातचीत हुई थी। इसके बाद से ही दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है।
वहीं शनिवार को मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि पार्टी पूरी तरह तैयार है और पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोगा में हुई रैली के दौरान ही स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने चुनाव को लेकर अपनी रणनीति और तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात के संबंध में उन्होंने कहा कि पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर अकाली दल प्रमुख ने पीएम मोदी से चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी अलग-अलग राज्यों के नेताओं से नियमित रूप से मुलाकात करते हैं और पंजाब उनके लिए विशेष चिंता का विषय रहा है।
Updated on:
09 Aug 2026 01:26 pm
Published on:
09 Aug 2026 01:26 pm
