
(श्रीनगर): कश्मीर घाटी में 71 दिनों के बाद सोमवार को पोस्टपेड मोबाइल फ़ोन सेवा शुरू कर दी गई। इससे करीब 40 लाख से ज्यादा व्यक्तियों को रहत मिली। लेकिन घाटी में लगे प्रतिबंधों की वजह से कश्मीर में BSNL लैंडलाइन फोन की पहुंच काफी बढ़ी है। लोगों का कहना है कि पोस्टपेड सेवा भले ही शुरू हो गई है लेकिन लैंडलाइन का उपयोग करते रहेंगे। इसके पीछे अहम कारण यह है कि...
मोबाइल की वजह से बंद हो गए थे, वापस लौटे लैंडलाइन फोन...
कश्मीर घाटी में मोबाइल फोन सेवा ठप रहने से भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को काफी फायदा हुआ। पांच अगस्त के बाद से घाटी में BSNL ने 14 हजार नए उपभोक्ताओं को लैंडलाइन सेवा प्रदान की है। इससे पहले बीएसएनएल की लैंडलाइन सेवा के लगभग 50 हजार उपभोक्ता थे। इनमें से 16 हजार ही घरेलू उपभोक्ता थे, जो अब करीब 30 हजार हो गए हैं। घाटी में लैंडलाइन फोन सेवा बहाल होने और मोबाइल फोन बंद होने से लोगों ने एक बार फिर अपने घरों में लैंडलाइन फोन सेवा हासिल करने के लिए BSNL कार्यालय में आवेदन शुरू कर दिए। कईयों ने बंद पड़े लैंडलाइन फोन को बहाल कराने के लिए वर्षों से लंबित किराया भी जमा कराया। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन उपलब्ध होने के बाद अपने घरों में लैंडलाइन सेवा को बंद करा दिया था।
इस वजह से जरूरी लैंडलाइन फोन...
जम्मू के स्थानीय निवासी योगेश ने पत्रिका से बात करते हुए बताया कि जम्मू और कश्मीर में पहले भी कई तरह के प्रतिबंध लगते रहे हैं। तनाव होने पर सबसे पहले इंटरनेट और मोबाइल सेवा को बंद किया जाता था। इस बीच बीएसएनएल के पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन हमेशा काम करते थे। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) को बेअसर किए जाने के बाद से जो प्रतिबंध लगे उनकी जद में बीएसएनएल के पोस्टपेड मोबाइल भी आ गए। हालांकि कुछ दिन बंद रखने के बाद लैंडलाइन सुविधा को घाटी में शुरू कर दिया गया था। लोगों ने मोबाइल की वजह से लैंडलाइन फोन को भुला दिया था। पर अब एहतियात के तौर पर लोग लैंडलाइन सेवा को शुरू रखने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि घाटी में हालात बदलते रहते हैं। कभी तनाव में मोबाइल सेवा बंद की गई तो यह लैंडलाइन फोन अपनों से बात करने में बड़े काम आते हैं। कई लोगों को लैंडलाइन फोन का दौर भी याद आ गया जब घर में एक लैंडलाइन फोन हुआ करता था।
इंटरनेट व प्रीपेड सेवा पर फैसला बाकी...
घाटी में पोस्टपेड मोबाइल सेवा शुरू कर दी गई है। लेकिन लोगों को मोबाइल इंटरनेट के लिए अभी कुछ और दिनों का इंतजार करना पड़ेगा। इसके साथ ही प्रीपेड सेवा पर भी फैसला बाद में होगा।