जम्मू

अमरनाथ यात्रा के लिए छड़ी मुबारक पूजा का शुभारंभ

समुद्रतल से करीब 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव की पवित्र गुफा, जहां भगवान शंकर ने मां पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी...

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Jul 27, 2018
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(श्रीनगर): दक्षिण कश्मीर में पहलगाम (अनंतनाग) में लिद्दर दरिया किनारे गणेशबल में पवित्र छड़ी का भूमि पूजन, नवग्रह पूजन और ध्वजारोहण का अनुष्ठान संपन्न होने के साथ ही भगवान अमरेश्वर की पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा का शुभारंभ हुआ। समुद्रतल से करीब 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव की पवित्र गुफा, जहां भगवान शंकर ने मां पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी, की वार्षिक तीर्थयात्रा 28 जून 2018 को औपचारिक रूप से शुरू हुई थी। इसमें करीब ढाई लाख श्रद्धालु भाग ले चुके हैं।


धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, तीर्थयात्रा का विधान गुरू पूर्णिमा के दिन से ही है। शुक्रवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच दशनामी अखाड़ा के महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में बाबा अमरनाथ की पवित्र छड़ी मुबारक पहलगाम रवाना हुई। महंत दीपेंद्र ही छड़ी मुबारक के संरक्षक हैं। दशनामी अखाड़ा श्रीनगर में झेलम दरिया के किनारे मैसूमा में है। दशनामी अखाड़ा से रवाना होने के बाद छड़ी मुबारक सूर्ययार, पांपोर, बिजबिहाड़ा और मट्टन स्थित शिव व सूर्य मंदिर में पूजा-अर्चना करते पहलगाम पहुंची। पहलगाम में ध्वजारोहण का अनुष्ठान हुआ। दोपहर बाद छड़ी मुबारक वापस अपने विश्रामस्थल लौट आई।

महंत दीपेंद्र गिरि ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन से ही तीर्थयात्रा का विधान और पुण्य है। आज से यात्रा का शुभारंभ हुआ है। पहलगाम में पूजा के बाद छड़ी मुबारक अब दशनामी अखाड़ा में ही विश्राम करेगी और 15 अगस्त को पूजा-अर्चना के लिए गोपाद्री पर्वत पर जाएगी। 20 अगस्त को बाबा अमरनाथ की गुफा के लिए यहां से प्रस्थान करेगी।

Published on:
27 Jul 2018 08:30 pm