School Van Accident: छत्तीसगढ़ के जांजगीर में स्कूल वैन ट्रैक्टर से टकराकर पलट गई, जिसमें 15 बच्चे घायल हो गए। 5 की हालत गंभीर है। हादसे में शिक्षिका और प्रिंसिपल भी घायल हुए हैं।
School Van Accident: छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले से एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है, जहां स्कूल वैन के पलटने से बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में 15 बच्चे घायल हो गए, जिनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में स्कूल की शिक्षिका और प्रिंसिपल भी घायल हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पामगढ़ थाना क्षेत्र के गांव कुथूर में यह घटना सुबह के समय हुई। स्कूल वैन मुड़पार गांव से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर से वैन की टक्कर हो गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।
वैन में सरस्वती ज्ञान मंदिर, कुथूर के छात्र-छात्राएं और एक महिला शिक्षिका सवार थीं। हादसे में कई बच्चों को सिर, हाथ और पैर में चोटें आई हैं। करीब 10 बच्चों को गंभीर चोटें आईं, जबकि कुल 15 बच्चे इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। शिक्षिका को भी चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वैन का नियमित ड्राइवर उस दिन मौजूद नहीं था। ऐसे में स्कूल के प्रिंसिपल खुद ही वाहन चला रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन पर डॉक्टरों की विशेष निगरानी रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और लापरवाही के पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सड़क हादसों के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां सड़क सुरक्षा मानकों का पालन अक्सर ढीला रहता है। स्कूल वाहनों से जुड़े हादसे भी पहले सामने आ चुके हैं, जिनमें ओवरलोडिंग, वाहन की खराब स्थिति और प्रशिक्षित ड्राइवर की कमी जैसे कारण प्रमुख रहे हैं।
भारत में स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट और परिवहन विभाग द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन नियमों के तहत स्कूल बस या वैन में फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रशिक्षित ड्राइवर, हेल्पर की मौजूदगी, स्पीड गवर्नर और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य होते हैं। इसके बावजूद कई जगहों पर इन नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो पाता।